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Pawan Mukka Ka Badlaवां38एपिसोड

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Pawan Mukka Ka Badla

8 saal pehle, Aarav Singh ne apni Pawan Mukka se Sagar Nagar ke 22 martial schools hara diye. Lekin usi ki wajah se uski wife Neha mar gayi. Apni beti Myra ko bachane ke liye woh Taranagar aake rickshaw driver ban gaya. Ek din usne ek ladki bachayi aur uska panga Shaktimaan School se ho gaya. Myra bhi is sab mein fas gayi. Aarav ne apni chhupi taakat dikhayi, sabko crush kiya aur beti bachali. Kya Shaktimaan school use chhodega? Kya Aarav apni beti ko hamesha safe rakh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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तनाव से भरी शुरुआत

शुरुआत में ही इतना तनाव देखकर दिल घबरा गया। जो व्यक्ति जमीन पर लेटा है उसके होठों से खून बह रहा था और फिर अचानक माहौल बदल गया। पवन मुक्का का बदला नामक इस शो में अभिनय बहुत जबरदस्त है। चश्मे वाला व्यक्ति बहुत रहस्यमयी लग रहा था और उसकी चुप्पी सब कुछ कह रही थी। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें बिना ज्यादा संवाद के कहानी आगे बढ़ती है।

चेहरे के भाव कमाल के

बूढ़े आदमी के चेहरे के भाव देखने लायक थे। पहले वह गंभीर थे और फिर अचानक हंसने लगे। यह बदलाव बहुत अजीब लेकिन दिलचस्प था। पवन मुक्का का बदला की कहानी में ऐसे मोड़ ही जान डालते हैं। कमरे की सजावट भी बहुत पुराने जमाने की लग रही थी जो हमें उस दौर में ले जाती है। हर किरदार का अपना एक मकसद साफ दिखाई दे रहा था।

शांत लेकिन खतरनाक

जापानी कपड़ों वाला शख्स बहुत शांत था लेकिन उसकी आंखों में चालाकी थी। उसके और बूढ़े आदमी के बीच की बातचीत से लग रहा था कि कोई बड़ा सौदा हो रहा है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं जो दिमाग को हिला देते हैं। मुझे यह पसंद है कि कैसे वे बिना शोर मचाए अपनी बात मनवा लेते हैं।

चोटिल व्यक्ति का दर्द

जिस लड़के को चोट लगी थी उसका हाल देखकर बहुत बुरा लगा। शायद वह किसी बड़ी साजिश का शिकार हुआ है। पवन मुक्का का बदला की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है क्योंकि हर छोटी चीज का मतलब निकलता है। कमरे में मौजूद बाकी लोग भी चुपचाप सब देख रहे थे जो खौफनाक माहौल बना रहा था।

पोशाक और स्टाइल

चश्मे वाले व्यक्ति की सजावट बहुत यूनिक थी। उसकी चोटी और चश्मा उसे बाकियों से अलग बना रहे थे। पवन मुक्का का बदला में पोशाक डिजाइन पर बहुत मेहनत की गई है। जब वह खड़ा हुआ तो लगा कि अब असली खेल शुरू होने वाला है। ऐसे किरदार हमेशा कहानी में गहराई लाते हैं और दर्शकों को बांधे रखते हैं।

खामोशी का शोर

इस वीडियो में जो शांति थी वह सबसे ज्यादा डरावनी थी। सब लोग चुप थे बस आंखों से बात हो रही थी। पवन मुक्का का बदला की यह कड़ी मुझे बहुत याद रहेगा। बूढ़े आदमी ने जब कंधे पर हाथ रखा तो लगा कि दुश्मनी दोस्ती में बदल गई है। ऐसे मोड़ कहानी को नई दिशा देते हैं और हमें अगला भाग देखने पर मजबूर करते हैं।

पुराना जमाना और रोशनी

कमरे की रोशनी और फर्नीचर बहुत क्लासिक लग रहा था। पुराने जमाने की झलक साफ मिल रही थी। पवन मुक्का का बदला का निर्माण स्तर बहुत अच्छा है। जब वे दोनों हंसने लगे तो लगा कि किसी की जान खतरे में है। यह मुस्कान किसी दुश्मन के लिए मौत की घंटी साबित हो सकती है। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आई।

संवाद की ताकत

संवाद और हावभाव पर ज्यादा जोर दिया गया है। यह एक स्मार्ट तरीका है कहानी कहने का। पवन मुक्का का बदला में ऐसे सीन दिखाते हैं कि आप सांस रोके देखते रहें। जिस व्यक्ति ने छड़ी पकड़ी थी उसका इरादा साफ नहीं था। क्या वह बचाने आया था या मारने? यह सवाल दिमाग में बना रहता है।

किरदारों का मेल

सभी किरदारों के बीच की मित्रता बहुत अच्छी थी। कोई भी कलाकार फाल्तू नहीं लगा। पवन मुक्का का बदला की कलाकार चयन बहुत सही हुई है। बूढ़े आदमी की हंसी और युवा व्यक्ति की गंभीरता का मेल जबरदस्त था। ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि हम किसी बड़े इतिहास का हिस्सा बन रहे हैं जो बहुत रोमांचक है।

अंत में नया मोड़

अंत में जब वे दोनों साथ खड़े हुए तो लगा कि अब नई समस्या खड़ी होने वाली है। पवन मुक्का का बदला की कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है क्योंकि यह आम नाटक से अलग है। हर सीन में कुछ नया होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है। मैं अगली कड़ी देखने का इंतजार नहीं कर सकता।