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Pawan Mukka Ka Badlaवां36एपिसोड

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Pawan Mukka Ka Badla

8 saal pehle, Aarav Singh ne apni Pawan Mukka se Sagar Nagar ke 22 martial schools hara diye. Lekin usi ki wajah se uski wife Neha mar gayi. Apni beti Myra ko bachane ke liye woh Taranagar aake rickshaw driver ban gaya. Ek din usne ek ladki bachayi aur uska panga Shaktimaan School se ho gaya. Myra bhi is sab mein fas gayi. Aarav ne apni chhupi taakat dikhayi, sabko crush kiya aur beti bachali. Kya Shaktimaan school use chhodega? Kya Aarav apni beti ko hamesha safe rakh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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आंखों पर पट्टी बांधकर लड़ाई

काले कपड़े वाले नायक ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर जो अद्भुत लड़ाई लड़ी, वह वाकई देखने लायक थी और दिल को छू गई। हर मुक्का सटीक बैठ रहा था और लाल कुर्ते वाले शख्स की हालत धीरे धीरे खराब होती गई। पवन मुक्का का बदला में ऐसे एक्शन सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं और रोमांच बढ़ता है। परिवार वाले भी राहत की सांस ले रहे थे जब दुश्मन जमीन पर गिरा और हारा। यह बदले की आग बहुत खूबसूरती से दिखाई गई है और सबको पसंद आएगी।

परिवार की चिंता और खुशी

सफेद पोशाक वाली और छोटी बच्ची की चिंता साफ झलक रही थी शुरू में जब लड़ाई शुरू हुई थी। लेकिन जब नायक ने बिना देखे ही दुश्मन को हरा दिया, तो उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई और खुशी छा गई। पवन मुक्का का बदला की कहानी में परिवार की सुरक्षा का जो भाव है, वह दिल को छू लेता है और अच्छा लगता है। अंत में गले मिलना बहुत इमोशनल था और आंसू ला सकता है। ऐसे सीन्स बार बार देखने को मन करता है और बोर नहीं होते।

खलनायक की हार का पल

लाल रंग का परिधान पहने हुए खलनायक को लगा था कि वह जीत जाएगा और सब पर राज करेगा, लेकिन उसे अपनी गलती का अहसास बहुत देर से हुआ जब वह गिरा। नायक के हुनर के आगे उसकी सारी ताकत फीकी पड़ गई और वह कुछ कर पाया। पवन मुक्का का बदला में दिखाया गया यह संघर्ष बहुत ही रोमांचक था और हर पल देखने लायक था। खून बहते हुए भी वह उठने की कोशिश करता रहा, पर नायक का कौशल सबसे ऊपर रहा और जीत गई।

शानदार फाइट कोरियोग्राफी

एक्शन की कोरियोग्राफी बहुत ही शानदार है और हर मूवमेंट में जान थी जो दिखी। काले हैट वाले हीरो ने बिना देखे ही सही निशाना लगाया और दुश्मन को हराया। पवन मुक्का का बदला जैसे शो में ऐसे फाइट सीन्स ही जान होते हैं और असली मजा देते हैं। पीछे खड़े लोग भी तालियां बजा रहे थे और खुश हो रहे थे। माहौल में जो जोश था, वह स्क्रीन के बाहर भी महसूस हो रहा था और अच्छा लगा। बहुत ही दमदार परफॉर्मेंस थी।

नायक का धैर्य और जीत

नायक का धैर्य और शांत स्वभाव उसे भीड़ से अलग बनाता है और खास बनाता है। उसने आंखों पर पट्टी बांधकर साबित कर दिया कि उसे अपनी कला पर पूरा भरोसा है और जीत होगी। पवन मुक्का का बदला में यह दृश्य सबसे यादगार बन गया है और सबको पसंद आया। दुश्मन कितना भी गुस्सा करता रहा, पर हीरो अपनी जगह पर अडिग रहा और नहीं हिला। अंत में जीत उसी की हुई जो सबने देखा और खुश हुए।

खतरे के बाद की राहत

जब लड़ाई खत्म हुई और दुश्मन को घसीटकर ले जाया गया, तो राहत का माहौल था और सब खुश थे। सभी लोग खुश थे कि अब खतरा टल गया है और शांति है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे क्लाइमेक्स की उम्मीद हर दर्शक को होती है और मिलती है। हीरो ने न केवल लड़ाई जीती बल्कि अपने परिवार का मान भी बचाया और रक्षा की। यह जीत सिर्फ शारीरिक नहीं, भावनात्मक भी थी और गहरी थी।

पुराने जमाने का सेट

पुराने जमाने का सेट और कपड़े इस कहानी को एक अलग पहचान देते हैं और खूबसूरत बनाते हैं। कोर्टयार्ड में हुई यह लड़ाई बहुत ही सिनेमेटिक लगी और असली लगी। पवन मुक्का का बदला की प्रोडक्शन क्वालिटी भी काफी अच्छी है और मेहनत दिखी। धूल उड़ना और पसीना बहना सब कुछ रियल लग रहा था और अच्छा लगा। ऐसे पीरियड ड्रामा देखना एक अलग ही अनुभव होता है जो बार बार आकर्षित करता है और भाता है।

बच्ची की मासूमियत

छोटी बच्ची की खुशी देखकर दिल खुश हो गया और अच्छा लगा बहुत। जब उसने तालियां बजाईं, तो लगा जैसे असली जीत मिल गई हो और खुशी हुई। पवन मुक्का का बदला में बच्चों के रिएक्शन भी बहुत प्यारे हैं और दिल को छूते हैं। वह अपने परिवार वाले को सपोर्ट कर रही थी और खड़ी थी। ऐसे फैमिली मोमेंट्स एक्शन के बीच राहत देते हैं और अच्छे लगते हैं। यह सीन बहुत ही मासूम और प्यारा लगा मुझे और याद रहेगा।

पट्टी हटाने का पल

अंत में जब हीरो ने आंखों से पट्टी हटाई, तो उसकी आंखों में जीत का चमक था और खुशी थी। वह जानता था कि वह जीत जाएगा और दुश्मन हारेगा। पवन मुक्का का बदला में यह क्लोजिंग शॉट बहुत ही दमदार था और यादगार था। उसने बिना देखे ही दुश्मन को सबक सिखा दिया था और हराया था। अब वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित है और खुश है। यह पल हर फैन को याद रहेगा लंबे समय तक और अच्छा लगेगा।

कुल मिलाकर शानदार एपिसोड

कुल मिलाकर यह एपिसोड बहुत ही एंटरटेनिंग रहा और मजा आया देखने में। एक्शन, इमोशन और ड्रामा सब कुछ बैलेंस था और अच्छा लगा। पवन मुक्का का बदला को देखने का अनुभव बहुत ही शानदार रहा है और पसंद आया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना सुकून देता है और अच्छा लगता है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है और बेचैनी है। जल्दी अगला पार्ट देखने का मन कर रहा है और इंतजार है।