PreviousLater
Close

Pawan Mukka Ka Badlaवां6एपिसोड

2.0K2.0K

Pawan Mukka Ka Badla

8 saal pehle, Aarav Singh ne apni Pawan Mukka se Sagar Nagar ke 22 martial schools hara diye. Lekin usi ki wajah se uski wife Neha mar gayi. Apni beti Myra ko bachane ke liye woh Taranagar aake rickshaw driver ban gaya. Ek din usne ek ladki bachayi aur uska panga Shaktimaan School se ho gaya. Myra bhi is sab mein fas gayi. Aarav ne apni chhupi taakat dikhayi, sabko crush kiya aur beti bachali. Kya Shaktimaan school use chhodega? Kya Aarav apni beti ko hamesha safe rakh paayega?
  • Instagram
सुझाव

इस एपिसोड की समीक्षा

नवीनतम

रिक्शा वाले और बच्ची का रिश्ता

रिक्शा चलाने वाले और छोटी लड़की के बीच का रिश्ता बहुत दिल को छू लेने वाला है। जब वह उसे खाना देती है तो लगता है जैसे दोनों के बीच कोई गहरा राज छिपा हो। पवन मुक्का का बदला में ऐसे जज्बाती पल ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी आंखों में दर्द और ममता दोनों साफ दिख रहे थे। यह दृश्य बताता है कि संघर्ष के बीच भी इंसानियत जिंदा रहती है। बहुत ही खूबसूरत तरीके से यह भावना दिखाई गई है।

नीली पोशाक वाली महिला का अंदाज

नीली पोशाक वाली महिला का व्यवहार बहुत ही सभ्य और दयालु लगा। उसने रिक्शा चलाने वाले को सिर्फ पैसे नहीं दिए बल्कि एक सेब भी दिया। यह छोटा सा इशारा बहुत बड़ा संदेश देता है। पवन मुक्का का बदला की कहानी में यह किरदार अहम भूमिका निभा सकता है। उसकी मुस्कान और बात करने का ढंग बहुत प्रभावशाली था। लगता है वह किसी बड़ी मुसीबत में फंसी है लेकिन हिम्मत नहीं हार रही है।

सफेद पोशाक वाले का घमंड

सफेद पोशाक वाला शख्स देखने में बहुत घमंडी लग रहा था। उसकी आंखों में चालाकी और ताकत का नशा साफ झलक रहा था। जब वह सिक्के से खेल रहा था तो लगा कि वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे विलेन किरदार ही कहानी में रोमांच भरते हैं। उसका अंदाज बता रहा है कि वह आसानी से हार मानने वाला नहीं है। यह किरदार आगे चलकर बहुत परेशानी खड़ी कर सकता है।

शक की निगाहें

टोपी वाले व्यक्ति की नजरें बहुत शक भरी थीं। वह नीली पोशाक वाली महिला और रिक्शा वाले को घूर रहा था। लगता है वह किसी दुश्मनी का बदला लेने की फिराक में है। पवन मुक्का का बदला की कथा में यह मोड़ बहुत जरूरी था। उसकी वर्दी और चलने का ढंग बताता है कि वह युद्ध कला से जुड़ा है। यह तीनों किरदारों के बीच का टकराव बहुत दिलचस्प होने वाला है।

सेट और कपड़ों की बारीकी

इस कहानी के सेट और कपड़े बहुत ही शानदार हैं। पुराने जमाने का माहौल बखूबी बनाया गया है। रिक्शा चलाने वाले के कपड़े फटे हुए हैं लेकिन उसकी आंखों में चमक है। पवन मुक्का का बदला में दृश्य कथा कहने के तरीके पर बहुत ध्यान दिया गया है। हर दृश्य में एक अलग रंग और रोशनी का इस्तेमाल हुआ है। यह दर्शकों को उस जमाने में ले जाता है। निर्देशक की मेहनत साफ झलकती है।

मासूमियत की ताकत

छोटी लड़की की मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया। वह बिना किसी डर के रिक्शा वाले के पास गई। उसने उसके घाव को देखा और मदद करने की कोशिश की। पवन मुक्का का बदला में यह बच्चा किरदार कहानी की जान बन गया है। उसकी हरकतें बहुत स्वाभाविक और प्यारी लग रही थीं। ऐसा लग रहा था कि वह उसकी असली बेटी हो। यह रिश्ता आगे चलकर कहानी को नया मोड़ दे सकता है।

कहानी की रफ्तार

कहानी की रफ्तार बहुत संतुलित है। न तो यह बहुत तेज है और न ही बहुत धीमी। हर दृश्य के बाद एक नया सवाल खड़ा हो जाता है। पवन मुक्का का बदला को देखते वक्त बोरियत नहीं होती। रिक्शा वाले का रहस्य धीरे धीरे खुल रहा है। दर्शक हर पल यह जानना चाहते हैं कि आगे क्या होगा। यह तनाव बनाए रखना आसान नहीं है।

युद्ध कला स्कूल की दुश्मनी

युद्ध कला स्कूल का जिक्र आते ही माहौल बदल गया। लगता है कि ताकत का खेल अब शुरू होने वाला है। शक्ति युद्ध कला स्कूल और शर्मा स्कूल के बीच की दुश्मनी साफ दिख रही है। पवन मुक्का का बदला में संघर्ष के दृश्यों की उम्मीद बढ़ गई है। टोपी वाले व्यक्ति का चेहरा देखकर लगता है कि वह किसी चुनौती को स्वीकार करने को तैयार है। यह टकराव बहुत भयंकर होने वाला है।

छिपा हुआ दर्द

रिक्शा चलाने वाले के हाथ में पट्टी बंधी हुई थी। शायद वह हाल ही में किसी लड़ाई से लौटा है। उसने दर्द को छुपाकर मुस्कुराने की कोशिश की। पवन मुक्का का बदला में इस किरदार की पृष्ठभूमि बहुत गहरी लग रही है। वह चुपचाप सब सह रहा है लेकिन अंदर से आग है। जब वह फटेगा तो तबाही मचेगी। यह धैर्य और गुस्से का मिश्रण बहुत अच्छा लगा।

कुल मिलाकर शानदार

कुल मिलाकर यह कहानी बहुत वादा करती है। जज्बात, संघर्ष और नाटक सब कुछ है। नेटशॉर्ट्स पर ऐसी कहानियां देखना सुकून देता है। पवन मुक्का का बदला की हर कड़ी के बाद उत्सुकता बढ़ती है। किरदारों के बीच का मेलजोल बहुत स्वाभाविक है। यह सिर्फ एक कहानी नहीं बल्कि एक अनुभव है। मैं आगे की कहानी जानने के लिए बेताब हूं। यह जरूर देखने लायक है।