लाल कार का दृश्य बहुत शानदार है और यह पुराने जमाने की याद दिलाता है। काली टोपी वाला व्यक्ति और छोटी बच्ची के बीच का संवाद रहस्यमयी लग रहा है। ड्राइवर महिला भी बहुत सुंदर लग रही हैं। पवन मुक्का का बदला की कहानी में यह गाड़ी किसी बड़े मिशन का संकेत देती है। घर के अंदर का माहौल तनावपूर्ण है। सिगार पीने वाला बॉस खतरनाक लग रहा है। बच्ची की ड्राइंग देखकर सब हैरान हैं। यह शो बहुत रोमांचक है और मैं अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूं।
इस शो की सिनेमेटोग्राफी कमाल की है और हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लगता है। पुराने जमाने की कार और कपड़े देखकर लगता है कि कहानी किसी ऐतिहासिक काल की है। काली टोपी वाले व्यक्ति की आंखों में चिंता साफ दिख रही है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। बच्ची मासूम है लेकिन कहानी में उसकी अहमियत बड़ी लग रही है। बॉस का अंदाज बहुत रौबदार है और वह सब पर हावी दिखता है।
ड्राइवर सीट पर बैठी महिला का कॉन्फिडेंस देखने लायक है और वह बहुत प्रोफेशनल लग रही हैं। वह बार-बार पीछे मुड़कर देख रही हैं क्योंकि उन्हें किसी का खतरा है। पवन मुक्का का बदला की पटकथा में महिला किरदार बहुत मजबूत दिखाए गए हैं। अंदर बैठे व्यक्ति ने सिगार जलाई और फिर ड्राइंग दिखाई। यह सीन बहुत ड्रामेटिक था और दिल में दहशत भर गया। मुझे यह लुक बहुत पसंद आया और मैं बार-बार देख रहा हूं।
घर के अंदर का फर्श और रोशनी बहुत क्लासिक है और यह पुरानी हवेली लगती है। सूरज की किरणें खिड़की से आ रही हैं और धूल कण दिखाई दे रहे हैं। बॉस कुर्सी पर बैठकर सबको घूर रहा है और उसकी चुप्पी डरावनी है। काली टोपी वाले ने बच्ची का हाथ पकड़ा हुआ है। पवन मुक्का का बदला में रिश्तों की अहमियत को दिखाया गया है। ड्राइंग वाला सीन बताता है कि बच्ची को कोई ढूंढ रहा था। अब आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता है।
एक्टिंग बहुत नेचुरल लग रही है और कोई भी डायलॉग झूठा नहीं लगता। खासकर बच्ची के चेहरे के भाव बहुत प्यारे हैं और दिल को छू लेते हैं। वह डरी हुई भी है और शांत भी। पवन मुक्का का बदला में बाल कलाकारों का चयन बहुत अच्छा है। विलेन वाला किरदार सामने से बहुत शांत लेकिन खतरनाक लग रहा है। सिगार का धुआं और चेहरे पर रोशनी का खेल बहुत अच्छा था। मुझे यह सीन बहुत याद रहेगा और मैं इसे भूल नहीं पाऊंगा।
कहानी में सस्पेंस बना हुआ है और दर्शक अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। कार से उतरकर घर में जाने तक का सफर धीमा लेकिन गहरा है। पवन मुक्का का बदला की रिलीज के बाद से लोग इसी क्लाइमेक्स का इंतजार कर रहे थे। बॉस ने ड्राइंग निकाली तो सबकी सांसें रुक गईं और सन्नाटा छा गया। काली टोपी वाले के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। यह जंग अब शुरू होने वाली है और खून खराबा हो सकता है।
कॉस्ट्यूम डिजाइन पर बहुत मेहनत की गई है और कपड़े बहुत महंगे लग रहे हैं। महिला की सफेद ड्रेस और हेयर एक्सेसरीज बहुत एलिगेंट हैं और सूट कर रही हैं। पवन मुक्का का बदला में हर किरदार की पोशाक उसकी पहचान बन गई है। पुराने जमाने का अहसास हर फ्रेम में है और यह समय यात्रा जैसा लगता है। अंदर वाले कमरे की सजावट भी उसी दौर की लग रही है। यह विजुअल ट्रीट दर्शकों के लिए है और आंखों को सुकून देता है।
डायलॉग कम हैं लेकिन एक्सप्रेशन सब कह रहे हैं और आंखें सब बता रही हैं। काली टोपी वाला बच्ची को समझा रहा है कि चुप रहना है। पवन मुक्का का बदला में चुप्पी भी शोर मचाती है और असर छोड़ती है। बॉस की आंखों में चालाकी है और वह शिकारी की तरह देख रहा है। वह जानता है कि सामने कौन है और क्या खेल चल रहा है। ड्राइंग मिलाना एक बड़ा सबूत था। अब बच्ची की सुरक्षा की जिम्मेदारी किस पर है यह देखना दिलचस्प होगा।
लोकेशन बहुत खूबसूरत चुनी गई है और प्राकृतिक नजारे मनमोहक हैं। पुराना घर और बाहर के पेड़ बहुत सुकून देते हैं और शांति है। पवन मुक्का का बदला की शूटिंग ऐसी जगहों पर हुई है जो कहानी को असली बनाती हैं। अंदर का अंधेरा और बाहर की रोशनी का कंट्रास्ट मूड बनाता है। मुझे यह एटमॉस्फियर बहुत पसंद आया और मैं खो गया। यह शो जरूर देखना चाहिए और समय बर्बाद नहीं होगा।
कुल मिलाकर यह एपिसोड बहुत दमदार है और धमाकेदार शुरुआत है। हर किरदार का अपना मकसद लग रहा है और कोई सीधा नहीं है। पवन मुक्का का बदला की कहानी अब तेज रफ्तार पकड़ने वाली है। बच्ची के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है और डर लग रहा है। बॉस और काली टोपी वाले के बीच टकराव तय है और लड़ाई होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो ट्रेंड कर रहा है। सबको यह मिस नहीं करना चाहिए और अभी देखना चाहिए।
इस एपिसोड की समीक्षा
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