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Pawan Mukka Ka Badlaवां54एपिसोड

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Pawan Mukka Ka Badla

8 saal pehle, Aarav Singh ne apni Pawan Mukka se Sagar Nagar ke 22 martial schools hara diye. Lekin usi ki wajah se uski wife Neha mar gayi. Apni beti Myra ko bachane ke liye woh Taranagar aake rickshaw driver ban gaya. Ek din usne ek ladki bachayi aur uska panga Shaktimaan School se ho gaya. Myra bhi is sab mein fas gayi. Aarav ne apni chhupi taakat dikhayi, sabko crush kiya aur beti bachali. Kya Shaktimaan school use chhodega? Kya Aarav apni beti ko hamesha safe rakh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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शानदार एक्शन सीन

एक्शन सीन्स बहुत शानदार हैं। हरे कपड़ों वाले व्यक्ति की किक देखकर रोंगटे खड़े हो गए। भीड़ का शोर माहौल को और भी रोमांचक बनाता है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे डायलॉग हैं जो दिल को छू लेते हैं। हर फ्रेम में मेहनत साफ दिखती है। यह सिर्फ एक लड़ाई नहीं, जज्बातों का टकराव है। देखने वाला हर पल यादगार बन जाता है। बिना रुके देखते रहने का मन करता है। एक्शन प्रेमियों के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है। सच में बहुत बढ़िया काम किया है।

हुनर की जीत

भूरे जैकेट वाले शख्स की हार देखकर दुख हुआ पर जीतने वाले का हुनर काबिले तारीफ है। मंच की सजावट बहुत पुराने जमाने की लगती है। पवन मुक्का का बदला की कहानी में गहराई है जो आपको बांधे रखती है। जजों के चेहरे के भाव भी बहुत सही हैं। ऐसा लगता है जैसे आप वहीं मौजूद हों। संगीत और एक्शन का तालमेल बेहतरीन है। हर किरदार ने अपनी भूमिका निभाई है। यह शो देखने के बाद मन नहीं भरता। बहुत ही दमदार प्रदर्शन है।

स्टाइलिश हीरो

टोपी वाला हीरो बहुत स्टाइलिश लग रहा है। उसकी चाल में एक अलग ही अकड़ है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे दृश्य हैं जो बार बार देखने को मन करते हैं। भीड़ में खड़ी महिला की चिंता साफ दिख रही है। यह सिर्फ मुक्केबाजी नहीं, इज्जत की लड़ाई है। कैमरा कोण बहुत ही शानदार तरीके से लिए गए हैं। रोशनी और छाया का खेल देखने लायक है। हर पल उत्सुकता बनी रहती है। अंत में जो वार हुआ वह दिल दहला देने वाला था। सच में बहुत पसंद आया।

पुरानी यादें

पुरानी इमारतों के बीच यह लड़ाई बहुत जच रही है। दोनों योद्धा अपनी जान लगा रहे हैं। पवन मुक्का का बदला का निर्देशन बहुत सटीक है। दर्शकों की प्रतिक्रिया असली लगती है। कोई भी दृश्य बेकार नहीं है। हर एक्शन के पीछे एक वजह है। कपड़ों की बनावट भी उस जमाने की है। यह शो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है। जीत और हार का फर्क बहुत बारीक है। देखने के बाद बहुत अच्छा लगा।

गंभीर जज

ऊपर बैठे जजों का रवैया बहुत गंभीर है। लगता है इस लड़ाई का नतीजा बहुत अहम है। पवन मुक्का का बदला में हर किरदार की अहमियत है। हीरो की आंखों में गुस्सा साफ दिखता है। एक्शन इतना तेज है कि सांस रुक जाती है। धूल और पसीने का असर बहुत असली है। यह शो एक्शन की परिभाषा बदल देता है। हर संवाद में दम है। कहानी आगे बढ़ने के साथ रोचक होती जाती है। बहुत ही शानदार अनुभव रहा।

नाटकीय अंत

लाल झंडे और निशान माहौल को और भी गर्म करते हैं। हारने वाले के मुंह से खून निकलना बहुत नाटकीय था। पवन मुक्का का बदला में ऐसे मोड़ हैं जो उम्मीद नहीं थे। भीड़ की तालियां जीतने वाले के हक में हैं। यह शो देखकर जोश बढ़ जाता है। हर दांव बहुत सोच समझ कर किया गया है। कलाकारों की मेहनत साफ झलकती है। यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, कला का नमूना है। देखने वाले को निराश नहीं करता।

परिवार के साथ

नीले सूट वाले आदमी की खुशी देखकर लगता है उसने जीत पर दांव लगाया था। पवन मुक्का का बदला की कहानी में कई परतें हैं। मंच के बीच में बना निशान बहुत खास लग रहा है। लड़ाई के दौरान कोई रुकावट नहीं आती। सब कुछ बहुत सरल चलता है। हीरो की तंदुरुस्ती कायल कर देती है। यह शो परिवार के साथ देखने लायक है। हर उम्र के लोग इसे पसंद करेंगे। एक्शन और भावनाओं का सही मिश्रण है।

रहस्यमयी कहानी

पीछे खड़े लोगों की उत्सुकता देखने लायक है। सबकी नजरें मंच पर टिकी हैं। पवन मुक्का का बदला में रहस्य बना रहता है। हीरो की टोपी भी उसके अंदाज का हिस्सा है। जब वह वार करता है तो हवा कटती हुई लगती है। यह शो आपको कुर्सी से उठने नहीं देता। हर दृश्य में नया कुछ देखने को मिलता है। निर्माण में कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। यह एक बेहतरीन कलाकृति है।

रंगों का खेल

धूप और छाया का असर दृश्यों पर बहुत अच्छा है। हीरो की आवाज में दमखम है। पवन मुक्का का बदला के संवाद यादगार हैं। विरोधी की चाल भी कम खतरनाक नहीं थी। पर अंत में जीत सही इंसान की हुई। यह शो न्याय की जीत दिखाता है। हर फ्रेम एक तस्वीर की तरह है। रंगों का इस्तेमाल बहुत सही है। देखने के बाद मन में जोश आ जाता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।

बहादुरी की मिसाल

अंत में हीरो की मुद्रा बहुत ही बहादुराना लग रही थी। सब लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं। पवन मुक्का का बदला देखने के बाद मन हल्का हो जाता है। यह शो हिम्मत और साहस की कहानी है। हर पल में जान है। कोई भी नाटक फालतू नहीं है। सब कुछ कहानी से जुड़ा हुआ है। यह शो लंबे समय तक याद रहेगा। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही शो देखने को मिलते हैं। बहुत ही पसंद आया।