इस शो की एक्शन सीन्स बहुत ही जबरदस्त हैं और देखने में बहुत अच्छे लगते हैं। सफेद सूट वाला शख्स अपनी घमंडी हरकतों से दर्शकों का गुस्सा दिलाता है, लेकिन काली टोपी वाला योद्धा बहुत शांत रहता है। जब उसने टोफू गिराया, तब असली लड़ाई शुरू हुई। पवन मुक्का का बदला में ऐसे ड्रामेटिक मोड़ देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। रात के नीन साइन बहुत खूबसूरत लग रहे हैं और माहौल बनाते हैं। यह कहानी बहुत आगे तक जाती है।
सेट डिजाइन और लाइटिंग पर बहुत मेहनत की गई है। पुराने शंघाई जैसा माहौल बिल्कुल सही तरीके से दिखाया गया है। रिक्शा और नीन बोर्ड देखकर लगता है कि हम उसी जमाने में हैं। काली टोपी वाला योद्धा और सफेद सूट वाला शख्स के बीच की दुश्मनी बहुत गहरी लगती है। पवन मुक्का का बदला की कहानी में यह जगह बहुत अहम भूमिका निभाती है। हर फ्रेम एक तस्वीर जैसा लगता है। देखने में बहुत अच्छा लग रहा है।
छोटी बच्ची वाला सीन बहुत ही प्यारा था। काली टोपी वाला योद्धा जब उससे बात करता है, तो उसके चेहरे पर एक अलग मुस्कान होती है। यह दिखाता है कि वह सिर्फ लड़ने वाला नहीं है। सफेद सूट वाला शख्स की नफरत इसके बाद और बढ़ जाती है। पवन मुक्का का बदला में ऐसे इमोशनल पल एक्शन के बीच राहत देते हैं। यह कहानी को गहराई देता है और दर्शकों को जोड़ता है। दिल को छू लेने वाला पल है।
टोफू बेचने वाले के साथ हुई घटना ने पूरी कहानी का रुख बदल दिया। साधारण सी बात पर इतना बड़ा हंगामा होना दिखाता है कि सफेद सूट वाला शख्स कितना क्रूर है। काली टोपी वाला योद्धा ने बेचारे की मदद की। पवन मुक्का का बदला में ऐसे सामाजिक मुद्दों को भी छूया गया है। लड़ाई के बाद का शांत चेहरा बताता है कि यह उसकी आदत है। बहुत ही दमदार सीन था यह। सबको पसंद आएगा।
सफेद सूट वाला शख्स का अभिनय बहुत ही लाजवाब है। वह इतना घमंडी लगता है कि आप उसे घूंसा मारना चाहेंगे। चश्मे और उसकी बॉडी लैंग्वेज सब कुछ सही है। काली टोपी वाला योद्धा भी अपने किरदार में पूरी तरह फिट बैठता है। पवन मुक्का का बदला में कलाकारों ने अपनी मेहनत दिखाई है। विरोधी किरदार इतने नफरत भरे हों तो हीरो की जीत मजेदार लगती है। बहुत बढ़िया काम है।
कहानी की रफ्तार बहुत तेज है और एक पल भी बोरियत नहीं होती। हर सीन के बाद कुछ नया होता रहता है। सफेद सूट वाला शख्स की गुंडागर्दी और काली टोपी वाला योद्धा का जवाब देखने लायक है। पवन मुक्का का बदला को देखते समय समय का पता ही नहीं चलता। ऐप पर ऐसे शो देखना बहुत सुकून देता है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बनी रहती है। मजा आ गया।
कपड़ों का डिजाइन बहुत ही शानदार है। सफेद सूट वाला शख्स का लिबास उसकी अमीरी दिखाता है, जबकि काली टोपी वाला योद्धा सादा लगता है। यह विपरीतता उनकी सोच को भी दर्शाती है। पवन मुक्का का बदला में कॉस्ट्यूमिंग पर खास ध्यान दिया गया है। रात के दृश्यों में कपड़ों के रंग और भी उभर कर आते हैं। यह विजुअल ट्रीट है। सब कुछ सही है।
एक्शन कोरियोग्राफी बहुत ही असली लगती है। कोई नकली फाइट नहीं है, सब कुछ भारी और ठोस है। जब काली टोपी वाला योद्धा लड़ता है, तो उसकी ताकत साफ दिखती है। सफेद सूट वाला शख्स के गिरने का अंदाज भी कमाल का था। पवन मुक्का का बदला में एक्शन प्रेमियों के लिए बहुत कुछ है। हर मुक्के की आवाज और असर महसूस होता है। जोश आ गया।
माहौल में जो तनाव है वह बहुत अच्छे से बनाया गया है। बारिश के बाद की सड़कें और नीन लाइट्स एक अलग ही मूड बनाती हैं। सफेद सूट वाला शख्स की एंट्री ही धमाकेदार थी। काली टोपी वाला योद्धा का सामना करना उसकी गलती थी। पवन मुक्का का बदला में हर सीन में एक ड्रामा है। यह शो आपको अपनी दुनिया में खो देता है और मजे देता है। बहुत अच्छा है।
कुल मिलाकर यह शो बहुत ही एंटरटेनिंग है। एक्शन, ड्रामा और इमोशन सब कुछ बराबर है। सफेद सूट वाला शख्स जैसे विलेन और काली टोपी वाला योद्धा जैसे हीरो का मुकाबला क्लासिक है। पवन मुक्का का बदला को जरूर देखना चाहिए। ऐप पर यह टॉप पर होना चाहिए। कहानी आगे बढ़ने के साथ और रोचक होगी। इंतजार नहीं हो रहा है अगले एपिसोड का।
इस एपिसोड की समीक्षा
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