इस शो में एक्शन का तड़का देखने को मिलता है। काली टोपी वाला योद्धा जब बच्ची को बचाता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बूढ़ा विलेन जमीन पर रेंगता हुआ भी खतरनाक लग रहा था। पवन मुक्का का बदला नामक इस ड्रामे में हर पल सस्पेंस बना रहता है। अस्पताल वाला सीन बहुत इमोशनल था जब हाथों में खून लगा था। डायरेक्शन और एक्टिंग दोनों ही लाजवाब हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही अलग है।
कहानी में जो गहराई है वो कमाल की है। नायक की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था जब उसने छोटी बच्ची को गोद में उठाया। विलेन की हार नहीं मानने वाली जिद देखकर डर लग रहा था। पवन मुक्का का बदला की कहानी दिल को छू लेती है। अस्पताल के बैकग्राउंड में जो टेंशन थी वो स्क्रीन पर साफ झलक रही थी। हर किरदार ने अपना काम बखूबी निभाया है। दर्शकों को यह जरूर पसंद आएगा।
बूढ़े विलेन का अभिनय बहुत दमदार था। जख्मी होने के बाद भी वह हार नहीं मान रहा था। उसकी आंखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। हीरो ने उसे सबक सिखाया लेकिन खतरा टला नहीं था। पवन मुक्का का बदला में ऐसे ही ट्विस्ट देखने को मिलते हैं। फर्श पर खून के निशान कहानी की गंभीरता बता रहे थे। यह शो एक्शन प्रेमियों के लिए बेस्ट है। आगे की कहानी जानने को उत्सुकता है।
अस्पताल वाले सीन में जो हड़बड़ी थी वो बहुत रियल लग रही थी। डॉक्टर और नर्स को धक्का देकर हीरो अंदर गया। बच्ची की हालत देखकर उसे गुस्सा आ रहा था। पवन मुक्का का बदला में ऐसे ही हाई वोल्टेज सीन हैं। स्ट्राइप्ड पाजामे वाला व्यक्ति बेहोश पड़ा था। माहौल में जो तनाव था वो दर्शकों को बांधे रखता है। यह दृश्य बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है।
काली पोशाक और टोपी में हीरो की एंट्री बहुत धांसू थी। उसने एक पल में स्थिति संभाल ली। बच्ची को सुरक्षित बाहर ले जाना उसका मुख्य लक्ष्य था। पवन मुक्का का बदला की यह झलक बहुत यादगार है। विलेन की चालाकी के आगे हीरो की सूझबूझ काम आई। ऐसे शो देखकर मन तृप्त हो जाता है। दर्शकों को यह पसंद आएगा। हीरो का लुक बहुत ही कूल लग रहा था।
जब बंदूक की नली सीधी कैमरे की तरफ थी तो सांसें रुक गईं। फिर गोली चली और सब बदल गया। हीरो ने महिला को बचाया और विलेन गिर गया। पवन मुक्का का बदला में ऐसे ही रोमांचक पल हैं। फर्श पर पड़ी टोपी और खून के निशान कहानी कह रहे थे। यह शो अपने विजुअल्स के लिए भी जाना जाता है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है। देखने वाले को मजा आ जाएगा।
छोटी बच्ची का किरदार बहुत मासूम था। वह बेहोश लेटी थी और हीरो उसे बचाने की कोशिश कर रहा था। उसके हाथ में हीरो के खून के निशान थे। पवन मुक्का का बदला में ऐसे इमोशनल सीन दिल जीत लेते हैं। हीरो ने उसे गोद में उठाकर सुरक्षित जगह ले गया। यह दृश्य बहुत प्रभावशाली था। हर कोई इसे देखना चाहेगा। बच्ची की एक्टिंग ने सबका दिल जीत लिया।
इस शो की सिनेमेटोग्राफी बहुत गजब की है। लाइटिंग और एंगल्स ने सीन को और भी ड्रामेटिक बना दिया। अस्पताल के सफेद रंग और खून का लाल रंग कंट्रास्ट बना रहा था। पवन मुक्का का बदला की विजुअल क्वालिटी शानदार है। हर फ्रेम एक तस्वीर की तरह खूबसूरत था। दर्शकों को यह विजुअल ट्रीट जरूर पसंद आएगा। तकनीकी पक्ष बहुत मजबूत है।
कहानी में जब मोड़ आता है तो दर्शक हैरान रह जाते हैं। हीरो को लगा सब ठीक है लेकिन विलेन फिर उठ खड़ा हुआ। पवन मुक्का का बदला में ऐसे ही ट्विस्ट्स हैं जो नींद उड़ा दें। फर्श पर रेंगता हुआ दुश्मन अभी भी खतरनाक था। हीरो को सतर्क रहना होगा। यह शो अपने प्लॉट के लिए मशहूर है। आगे क्या होगा देखना बाकी है। रोमांच बना हुआ है।
कुल मिलाकर यह शो एक्शन और इमोशन का सही मिश्रण है। किरदारों की केमिस्ट्री बहुत अच्छी लगी। हीरो का गुस्सा और बच्ची का डर साफ दिख रहा था। पवन मुक्का का बदला को नेटशॉर्ट पर जरूर देखें। अंत में हीरो बच्ची को लेकर चला गया। यह सीन बहुत सुकून देने वाला था। ऐसे कंटेंट की हमेशा कमी रहती है। सभी को यह शो देखना चाहिए।
इस एपिसोड की समीक्षा
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