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Pawan Mukka Ka Badlaवां30एपिसोड

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Pawan Mukka Ka Badla

8 saal pehle, Aarav Singh ne apni Pawan Mukka se Sagar Nagar ke 22 martial schools hara diye. Lekin usi ki wajah se uski wife Neha mar gayi. Apni beti Myra ko bachane ke liye woh Taranagar aake rickshaw driver ban gaya. Ek din usne ek ladki bachayi aur uska panga Shaktimaan School se ho gaya. Myra bhi is sab mein fas gayi. Aarav ne apni chhupi taakat dikhayi, sabko crush kiya aur beti bachali. Kya Shaktimaan school use chhodega? Kya Aarav apni beti ko hamesha safe rakh paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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घमंडी खलनायक का अहंकार

लाल कुर्ता वाला खलनायक बहुत ही घमंडी लग रहा है, उसके चेहरे पर अजीब सी मुस्कान है। उसने काला चश्मा पहना है और हाथ में पंखा है। सामने खड़े परिवार पर उसका दबाव साफ दिख रहा है। पवन मुक्का का बदला का यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण है। काली टोपी वाला चुप है पर उसकी आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा है। माहौल में बिजली सी कड़क है। यह दृश्य बहुत यादगार है।

परिवार की बेबसी

सफेद कपड़े वाली महिला बहुत चिंतित लग रही हैं, उनके चेहरे पर डर साफ दिख रहा है। बच्ची का हाथ पकड़े हुए वह सुरक्षा की तलाश में हैं। बूढ़े व्यक्ति का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पवन मुक्का का बदला में परिवार की इज्जत का सवाल है। आंगन का सेट बहुत सुंदर बना है। पुराने जमाने की झलक मिलती है। पृष्ठभूमि संगीत भी शानदार होगा।

बेंच वाला नाटक

लकड़ी की बेंच को लात मारने वाला दृश्य बहुत नाटकीय था। यह दिखाता है कि सामने वाले की ताकत कितनी है। लाल जैकेट वाला खुद को बहुत बड़ा समझ रहा है। पवन मुक्का का बदला की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम है। हीरो चुपचाप सब सह रहा है पर लगता है वह पलटवार करेगा। अभिनय बहुत स्वाभाविक है। कहानी में गहराई है।

गुंडों का खौफ

खलनायक के गुंडे भी बहुत डरावने लग रहे हैं, सब काले कपड़ों में हैं। वे चुपचाप खड़े होकर अपने मालिक का हुक्म मान रहे हैं। माहौल में खौफ है। पवन मुक्का का बदला में एक्शन दृश्य की उम्मीद बढ़ गई है। काली टोपी वाले हीरो की एंट्री धमाकेदार होगी। बच्ची की मासूमियत दिल को छू गई। सहायक कलाकार भी अच्छे हैं।

सेट और रोशनी

सूरज की रोशनी में यह दृश्य बहुत साफ दिख रहा है। पुरानी इमारत की वास्तुकला कमाल की है। लाल और काले कपड़ों का कंट्रास्ट बहुत अच्छा लगा। पवन मुक्का का बदला की छायांकन प्रशंसनीय है। संवाद बिना सुने भी अभिव्यक्ति से सब समझ आ रहा है। यह एक क्लासिक बदले की कहानी लगती है। रंगों का खेल कमाल का है।

बूढ़े व्यक्ति का गुस्सा

बूढ़े व्यक्ति की आवाज में गुस्सा और बेबसी दोनों है। वह परिवार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लाल वाला व्यक्ति उनका मजाक उड़ा रहा है। पवन मुक्का का बदला में भावनात्मक नाटक बहुत तेज है। सफेद पोशाक वाली महिला की आंखों में आंसू हैं। यह दृश्य दिल दहला देने वाला है। संवाद बहुत भारी लग रहे हैं।

स्टाइलिश खलनायक

खलनायक के धूप के चश्मे बहुत स्टाइलिश हैं, उस समय के हिसाब से यह अजीब लगता है पर जचता है। उसकी चाल में नशा है। पवन मुक्का का बदला का किरदार नकारात्मक पक्ष में बहुत शक्तिशाली है। हीरो की शांति तूफान से पहले की शांति लग रही है। जल्द ही कुछ बड़ा होने वाला है। फैशन की समझ भी अच्छी है।

बच्ची का डर

बच्ची का डर सबसे ज्यादा दर्दनाक लग रहा है। वह नहीं समझ पा रही कि क्या हो रहा है। बड़ों की लड़ाई में बच्चे फंस रहे हैं। पवन मुक्का का बदला में पारिवारिक बंधन बहुत मजबूत हैं। काली टोपी वाला उसे बचाने के लिए तैयार है। यह पिता का प्यार साफ दिख रहा है। बच्चे की अभिव्यक्ति देखने लायक है।

भीड़ की प्रतिक्रिया

आंगन में खड़े लोग सब इस तमाशे को देख रहे हैं। किसी में हिम्मत नहीं है बीच में आने की। लाल वाला सब पर राज कर रहा है। पवन मुक्का का बदला का शक्ति संतुलन बहुत दिलचस्प है। हीरो को अब चुप नहीं रहना चाहिए। बदला लेने का वक्त आ गया है। भीड़ की प्रतिक्रिया भी देखी जाए।

कुल मिलाकर मजा

कुल मिलाकर यह दृश्य बहुत ही तनाव से भरा है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। कलाकारों ने अपने किरदार को जीवंत किया है। पवन मुक्का का बदला देखने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। नेटशॉर्ट ऐप पर यह श्रृंखला जरूर देखनी चाहिए। मजा आ गया। दोस्तों को भी बताएं।