डाइनिंग रूम वाला दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। लाल जैकेट वाले व्यक्ति की धमकियां और फिर बेज रंग की जैकेट वाले नायक का पलटवार देखने लायक था। जोया का परिवार के खिलाफ खड़ा होना साहस की बात है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह कहानी देखना बहुत रोमांचक रहा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे ही कई ट्विस्ट हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। संवाद भी बहुत तीखे और प्रभावशाली हैं।
लाल रंग की कार वाला दृश्य बहुत खूबसूरत था। जोया और नायक के बीच की केमिस्ट्री धीरे धीरे बढ़ती हुई महसूस हुई। माता पिता का कैम्पिंग का बहाना बनाना एक क्लासिक ट्विस्ट था। अंत में बीवी कहकर बुलाने वाला पल दिल को छू गया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में मिठास है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी कहानियां मिलना दुर्लभ है।
राठौर परिवार के दबाव को जोया ने जिस तरह से ठुकराया वह प्रेरणादायक था। शादी के लिए मजबूर करना गलत है और यह कहानी इसे अच्छे से दिखाती है। बेज जैकेट वाले व्यक्ति का समर्थन जोया को मिला यह सबसे अच्छा भाग था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक सामाजिक मुद्दों को भी छूती है। मुझे नेटशॉर्ट ऐप का तरीका बहुत पसंद आया।
लाल वेलवेट जैकेट वाले खलनायक का अभिनय बहुत जबरदस्त था। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। वहीं नायक ने बिना ज्यादा बोले अपनी ताकत दिखा दी। जोया के चेहरे के भाव भी बहुत सटीक थे। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में हर किरदार ने जान डाल दी है। नेटशॉर्ट ऐप पर दृश्य की गुणवत्ता भी बहुत साफ है।
शुरू में लगा बस एक झगड़ा है लेकिन फिर कार वाली यात्रा और कैम्पिंग की योजना सब बदल देती है। माता पिता की जांच कि वे असली जोड़ा हैं या नहीं यह हास्य भी है और नाटक भी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की पटकथा बहुत मजबूत है। हर कड़ी के बाद अगला देखने की इच्छा होती है। नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देखने का मजा आ गया।