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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां15एपिसोड

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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सूरज की बहादुरी

सूरज की बहादुरी देखकर मैं दंग रह गया। जब भालू आया तो सब डर गए थे लेकिन उसने सबकी सुरक्षा के बारे में सोचा। कार चालू नहीं हो रही थी और तनाव बढ़ गया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। सूरज का बाहर निकलना बहुत बहादुरी वाला कदम था। मुझे लगता है वह सबको बचा लेगा।

भालू का खतरा

वह भालू बिल्कुल असली लग रहा था! जब वह दहाड़ा तो मैं चौंक गई। कैम्पिंग यात्रा अचानक बचने का कार्य बन गई। अंकल बस मछली पकड़ रहे थे और फिर भगदड़ मच गई। यह ड्रामा बहुत रोमांचक है। खाने की बातें शांत थीं फिर शोर मच गया। सबकी हालत खराब हो गई थी।

कार नहीं चली

कार क्यों चालू नहीं हुई? यह फिल्मी ट्विस्ट था फिर भी तनावपूर्ण लगा। आंटी चिल्ला रही थीं अंदर। सूरज ने दरवाजा खोला तो सांस रुक गई। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह मोड़ बहुत तेज था। उम्मीद है कार जल्दी चल पड़े। सब डरे हुए थे।

शांत से शोर तक

सब्जियों के बारे में बातचीत बहुत शांत थी बाद के मुकाबले। सूरज को बचने की कला आती है। अंकल ने मछली पकड़ने के तरीके भी सीखे। फिर अचानक अफरातफरी मच गई। यह बदलाव बहुत अच्छा लगा। बाहर का नज़ारा सुंदर था फिर खतरनाक हो गया। सब हैरान रह गए।

पत्नी की चिंता

पत्नी ने सूरज की तरफ चिंता से देखा। वह नहीं चाहती थी कि वह बाहर जाए। खतरे के बीच भावनात्मक जुड़ाव दिखना अच्छा लगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में रिश्ते गहरे हैं। उसने उसे रोकने की कोशिश की पर वह नहीं रुका। वह सबको बचाना चाहता था।

तेज रफ़्तार

कहानी की रफ़्तार बहुत तेज बदली। सब्जी तोड़ने से जान बचाने की दौड़ तक। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक आपको अनुमान नहीं लगने देता। पल भर में सब बदल गया। मैं हैरान रह गई यह देखकर। माहौल एकदम बदल गया था। कोई नहीं जानता था आगे क्या होगा।

अंकल का डर

अंकल बस मछली की शिकायत कर रहे थे। फिर वह बेचैनी से गाड़ी चला रहे थे। यह विपर्यास हास्य और डरावना दोनों था। उनका अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा। कार के अंदर का डर साफ दिख रहा था। सबकी हालत खराब हो गई थी। भालू का खतरा बढ़ गया था।

आंटी की टोकरी

आंटी खुशी से खाना लाई थीं। कभी उम्मीद नहीं थी कि भालू आएगा। उनकी प्रतिक्रिया शुद्ध घबराहट थी। टोकरी में सब्जियां थीं फिर भगदड़ मच गई। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे ट्विस्ट मिलते हैं। परिवार साथ था पर मुसीबत बड़ी थी। सबने भागने की कोशिश की।

साहसिक दृश्य

भालू का कार को मारना बहुत तेज था। ध्वनि प्रभाव अच्छा होगा। सूरज का बाहर निकलना बहादुरी भरा लगा। वह सबको बचाना चाहता था। खिड़की से भालू को देखना डरावना था। यह साहसिक दृश्य बहुत यादगार बन गया है। सबकी सांसें थम गई थीं।

अगली कड़ी का इंतज़ार

बाहर का नज़ारा खूबसूरत था फिर बुरा सपना बन गया। बचने की प्रवृत्ति काम आया। अगली कड़ी का इंतज़ार है कि सूरज सुरक्षित है या नहीं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की वजह से मैं जुड़ी हूं। यह सफर बहुत रोमांचक हो गया है अब। सबको डर लग रहा था।