इस दृश्य में हरे जैकेट वाले लड़के की शांति देखकर हैरानी हुई। सूट वाले व्यक्ति को अपनी अमीरी पर बहुत घमंड है। उसने धक्का दिया पर लड़के ने संभाल लिया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसा कॉन्फ्लिक्ट बहुत रोचक लगता है। चमकदार ड्रेस वाली महिला भी पीछे नहीं रही। सुरक्षा गार्ड ने बीच में आकर सबको संभाला। लड़के ने माफी मांगने को कहा। यह पावर डायनामिक बहुत अच्छा है। दर्शकों को यह पसंद आएगा। क्लास के नाम पर झगड़ा होना आम बात है। लड़की की ड्रेस भी बहुत सुंदर है। सबकी एक्टिंग नेचुरल लग रही है।
सूट वाले आदमी का व्यवहार बहुत खराब था। उसने सोचा पैसा होने से सब कुछ कर सकता है। पर हरे जैकेट वाले ने उसे सबक सिखाया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। काली चमकदार साड़ी वाली औरत भी उतनी ही घमंडी लग रही थी। जब मुक्का मारने की बारी आई तो पलट गई। लड़के की पकड़ बहुत मजबूत थी। दर्द होने लगा तो वह चिल्लाने लगा। यह बदलाव बहुत अच्छा लगा। पुलिस बुलाने की धमकी काम कर गई। अंत में माफी मांगने की जिद देखकर मजा आया।
भूरे रंग की पैंट वाली लड़की बहुत बहादुर लग रही थी। उसने डरने के बजाय सवाल पूछे। फर्स्ट क्लास में बदतमीजी करने का हक किसने दिया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में महिला किरदार मजबूत हैं। हरे जैकेट वाले ने उसे पीछे से पकड़कर बचाया। यह रोमांस वाला पल बहुत प्यारा था। सूट वाले को लगा वह जीत गया पर हार गया। उसकी घड़ी और ब्रोच दिखाकर घमंड टूट गया। लड़की की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। ऐसे लोग मुंह मत लगो वाली बात सही थी। अंत में सब चुप हो गए।
जब सूट वाले ने हाथ उठाया तो लगा बड़ा झगड़ा होगा। पर हरे जैकेट वाले ने आसानी से रोक लिया। उसकी ताकत का अंदाजा हो गया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन सीन भी अच्छे हैं। कलाई पकड़ने का तरीका बहुत प्रोफेशनल था। दर्द होने पर वह आदमी चिल्लाया। चमकदार ड्रेस वाली महिला घबरा गई। सुरक्षा वाले ने बीच में आकर शांति बनाई। लड़ने झगड़ने का मना है यह बात कही। पुलिस बुलाने की बात से डर लग गया। माफी मांगने की शर्त रखी गई। यह न्याय वाला पल था।
इकॉनमी और फर्स्ट क्लास को लेकर यह बहस बहुत आम है। सूट वाले को लगा वह ऊपर है। पर हरे जैकेट वाले ने नहीं माना। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में सामाजिक मुद्दे भी उठते हैं। लड़की ने कहा कि दोनों एक ही समय पहुंचेंगे। यह बात बहुत गहरी थी। अमीरी से इंसानियत नहीं खरीदी जा सकती। सूट वाले का टाइम देखना दिखावटी था। लड़की का कॉन्फिडेंस देखकर मजा आया। हरे जैकेट वाला चुपचाप सब संभाल रहा था। अंत में झुकना पड़ा उस आदमी को। यह सीख मिलती है।