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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां50एपिसोड

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(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पिंजरे से आज़ादी की उम्मीद

इस दृश्य में जब वह महिला पिंजरे का ताला खोलती है, तो राहत की सांस आती है। रिया की हालत देखकर दिल दहल गया, लेकिन उस दोस्त का समर्थन देखकर अच्छा लगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे मोड़ देखना रोमांचक है। विलेन की धमकी ने तनाव बढ़ा दिया है। आगे क्या होगा जानने को उत्सुक हूं।

रिया का दर्द और सहारा

रिया जब खुद को चोट पहुंचाने की कोशिश करती है, तो लगता है कि उसका दर्द असली है। परिवार की इज्जत का सवाल उसे तोड़ रहा था। लेकिन उस युवक ने सही कहा, यह तुम्हारी गलती नहीं है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी दिल को छू लेती है। अपनों के सहारे की जरूरत हर किसी को होती है।

विलेन की खतरनाक चाल

अंत में जब वह आदमी उठता है और फोटो दिखाने की धमकी देता है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लगता है कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। बचाने वाले लोग भी अब मुसीबत में फंस सकते हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का अंत बहुत तेज रफ्तार है। काश रिया को जल्द शांति मिल जाए।

दोस्ती की मिसाल

उस महिला ने रिया को गले लगाकर जो हिम्मत दी, वह काबिले तारीफ है। अकेलेपन में ऐसा सहारा मिलना किसी वरदान से कम नहीं। संवाद बहुत दमदार थे, खासकर जब उसने कहा सब तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है। सच्ची दोस्ती ही सबसे बड़ी ताकत है।

अंधेरे कमरे की रोशनी

उस गोदाम का माहौल बहुत डरावना था, लेकिन जब वे लोग आए तो रोशनी सी फैल गई। रिया की आंखों में आंसू और चेहरे पर चोटें देखकर तरस आया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की छायांकन ने दर्द को अच्छे से दिखाया। उम्मीद है अब रिया की जिंदगी बदलेगी।

परिवार का प्यार याद दिलाया

जब उसने कहा कि तुम्हारे दादाजी और बहन रिद्धि तुम्हें ढूंढ रहे हैं, तो रिया का रुकना लाजिमी था। परिवार का नाम खराब होने का डर उसे मार रहा था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में भावनात्मक पल बहुत गहरे हैं। समाज की सोच बदलनी चाहिए, पीड़ित को नहीं दोषी को सजा मिलनी चाहिए।

बचाव अभियान की शुरुआत

पिंजरे का ताला टूटते ही जो दृश्य आया, वह बहुत भाुक था। सभी कैदियों को बाहर निकालना आसान नहीं था। उस लड़के ने कोट पहनाकर सम्मान बचाया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में कार्रवाई और भावनाओं का अच्छा मिश्रण है। विलेन के आगमन ने नया मोड़ दे दिया है।

शर्मिंदगी का बोझ

रिया बार बार कह रही थी कि उसे मरने दो, यह समाज की सोच का नतीजा है। उसे लग रहा था कि वह मुंह दिखा लायक नहीं रही। लेकिन दोस्तों ने उसे समझाया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक ने इस मुद्दे को बहुत बारीकी से उठाया है। मानसिक मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार है।

धमकी के बाद का तनाव

विलेन का कहना कि पूरी दुनिया जान जाएगी, बहुत खतरनाक है। अब बचाने वालों के पास भी मुश्किलें आ सकती हैं। क्या वे सबूतों को नष्ट कर पाएंगे? (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की पटकथा बहुत मजबूत है। हर कड़ी के बाद रहस्य बढ़ता जाता है। देखने वालों को बांधे रखने की कला है इसमें।

उम्मीद की नई किरण

आखिर में जब वे सब बाहर निकले, तो लगा कि बुराई पर अच्छाई की जीत हुई। लेकिन विलेन अभी भी जिंदा है। रिया को अब हिम्मत से लड़ना होगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का सफर बहुत रोमांचक रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी सामग्री देखना सुकून देता है। आगे की कहानी का बेसब्री से इंतजार है।