सूरज ने बिना डरे मदद की। परिवार वाले उस पर भरोसा नहीं कर रहे थे। यह प्रसंग बहुत तनावपूर्ण था। जब दादा जी को तकलीफ हुई तो सब घबरा गए। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे मोड़ अच्छे लगते हैं। सूरज की आंखों में आत्मविश्वास था। पर अंत में लड़की ने उसे धमकी दी। यह कहानी को कहां ले जाएगा? देखना बाकी है। सूरज की हिम्मत कायल करती है।
नीली पोशाक वाली लड़की का गुस्सा साफ दिख रहा था। उसे लगा सूरज ने दादा जी को नुकसान पहुंचाया। पर क्या वह सच में गलत था? आपदा में इंसान कुछ भी कर सकता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की यह कड़ी दिल को छू गई। उसकी चीख सुन कर बुरा लगा। परिवार का दबाव समझ आ रहा है। लड़की की बेबसी साफ झलकती है। यह रिश्ता बहुत गहरा लगता है।
सूट वाले आदमी और चमकदार पोशाक वाली औरत का व्यवहार बहुत खराब था। वे बस मजाक उड़ा रहे थे। जबकि एक जान का सवाल था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ये विरोधी किरदार हैं। उनकी बातों से गुस्सा आता है। सूरज शांत रहा पर माहौल खराब था। ऐसा लग रहा था कुछ बड़ा होने वाला है। इनका घमंड टूटना चाहिए। सूरज का धैर्य देखने लायक है।
सूरज ने नब्ज चेक की और उपचार शुरू किया। लोग उसे चिकित्सक नहीं मान रहे थे। पर उसने हिम्मत नहीं हारी। दादा जी का हाल देख कर सब डर गए। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह स्वास्थ्य संकट नया है। क्या वह सच में बचा पाएगा? या सब खत्म हो गया? रहस्य बना हुआ है। सूरज की तकनीक अनोखी लगती है। सबकी सांसें थमी हुई थीं।
जब दादा जी ने आंखें खोलीं तो लगा सब ठीक है। पर फिर वे बेहोश हो गए। लड़की ने सूरज को पकड़ लिया। यह दृश्य बहुत नाटकीय था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में भावनाओं की बाढ़ आ गई। सूरज की मेहनत बेकार लग रही थी। अब आगे क्या होगा यह जानना जरूरी है। यह मोड़ बहुत अप्रत्याशित था। दर्शक हैरान रह गए। कहानी में नया मोड़ आया है।