सुनैना का अपने अतीत के बारे में बताना बहुत दिल को छू लेने वाला था। पांच साल की उम्र से मेहनत करना किसी के लिए भी आसान नहीं होता है। जब उसने अपनी माँ से साफ कहा कि मैंने खुद को पाला है, तो सच में बहुत गुस्सा आया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि असल जिंदगी की कहानी देख रहे हैं। सुनैना की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे। यह किरदार निभाने वाली कलाकार ने कमाल कर दिया। हर कोई उसका साथ दे रहा था। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया। सबको यह पसंद आएगा।
शुरुआत में सूरज को जमीन पर बैठे देखकर लगा कि अब क्या होगा। हरे जैकेट वाले आदमी ने जिस तरह डंडा लेकर खड़ा हुआ, उससे डर लग रहा था। दो लड़कियां पीछे खड़ी थीं और सब शांत था। फिर अचानक सूरज भाग गया। यह दृश्य बहुत तेजी से बदला। मारपीट और डर का मिश्रण अच्छा था। वीडियो की गुणवत्ता भी साफ है। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसे वीडियो देखना मजेदार लगता है। कहानी में बहुत मोड़ हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की शुरुआत ही धमाकेदार हुई है। सब हैरान रह गए।
बूढ़ी औरत का नाटक देखकर हंसी भी आई और गुस्सा भी। जब उसे दहेज नहीं मिला तो वह जमीन पर बैठ गई। चिल्लाने लगी कि कोई मेरी बेटी को छीन रहा है। यह नाटक बहुत ज्यादा था। लेकिन कहानी को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे खलनायक किरदार हमेशा यादगार होते हैं। उसकी आवाज और हावभाव बहुत तेज थे। सब लोग हैरान हो गए थे। उसने सबको रोकने की कोशिश की। बहुत शोर मचाया उसने।
जोया का सफेद सूट बहुत सूट कर रहा था। वह सुनैना के साथ खड़ी थी और उसे सहारा दे रही थी। जब बूढ़ी औरत ने गलत बात कही तो जोया ने तुरंत जवाब दिया। दोस्ती की मिसाल कायम कर दी। सूरज भी फोन पर बात कर रहा था। लगता है वह वापस आएगा। कहानी में रहस्य बना हुआ है। दर्शकों को यह पता चलना चाहिए कि आगे क्या होगा। सब किरदार अपनी जगह सही हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में जोया की भूमिका बहुत मजबूत है। सबको पसंद आएगी।
दहेज प्रथा पर यह दृश्य बहुत गहरा असर डालता है। मां कह रही है कि मैंने तुझे पाला है तो दहेज मांग लिया तो क्या गलत किया। यह सोच बहुत पुरानी है। सुनैना ने सही जवाब दिया कि स्कूल की फीस भी मैंने खुद भरी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक जैसे शो समाज को संदेश देते हैं। यह देखकर अच्छा लगा कि लड़कियां अब चुप नहीं बैठतीं। बहुत प्रेरणादायक दृश्य था। सबको यह पसंद आएगा। बहुत अच्छा संदेश मिला।
सूरज का फोन कॉल वाला दृश्य रहस्यमयी था। वह कह रहा था कि जो कीमत तुमने मांगी थी। लगता है वह किसी बड़े गिरोह से जुड़ा है। वह डर कर भागा था लेकिन अब वापसी की तैयारी कर रहा है। हरे जैकेट वाले को सावधान रहना चाहिए। कहानी में अब झड़प बढ़ने वाली है। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य बहुत पसंद आते हैं। हर कड़ी में कुछ नया होता है। देखने में मजा आ रहा है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का रहस्य बढ़ता जा रहा है। सब देख रहे हैं।
बूढ़े आदमी ने आखिरकार अपनी औरत को डांट दिया। उसने कहा कि तेरी बेटी किसी मर्द के साथ भाग गई। यह सुनकर सबको झटका लगा। वह चुपचाप खड़ा था लेकिन अब बोला। परिवार के अंदर का कलह साफ दिख रहा था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में परिवार के रिश्तों को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। यह दृश्य कहानी का मोड़ हो सकता है। सब हैरान थे। यह नाटक बहुत तेज था। सबको झटका लगा था।
सुनैना और उसकी मां के बीच की नफरत साफ दिख रही थी। मां कह रही थी कि तुम निकम्मे कहीं के। यह सुनकर दिल दुख जाता है। कैसे कोई मां अपनी बेटी को ऐसा कह सकती है। सुनैना की आंखों में आंसू थे लेकिन वह टूटी नहीं। उसने सच बोला। यह जज्बात बहुत तेज थे। दर्शक भी इससे भावुक हो जाएंगे। अभिनय बहुत नेचुरल लगा। सबको यह पसंद आएगा। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में भावनाएं बहुत अच्छे दिखाई गई हैं। सब रो पड़ेंगे।
गांव का माहौल और पुराना घर सजावट बहुत अच्छी है। लाल मेज और कुर्सियां साधारण लग रही थीं। लेकिन कहानी बहुत बड़ी है। हरे जैकेट वाला हीरो लग रहा था। उसने सबको रोका। जब बूढ़ी औरत चिल्लाई तो उसने शांत रहने को कहा। यह ताकतवर दृश्य था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की छायांकन भी अच्छी है। रंग और रोशनी का इस्तेमाल सही जगह हुआ है। देखने में अच्छा लगता है। सेट डिजाइन भी पसंद आया। सबको भाएगा।
पूरी कड़ी बहुत तेज रफ्तार की थी। पहले मारपीट, फिर फोन कॉल, फिर दहेज का झगड़ा। सब कुछ एक साथ हो रहा था। दर्शक बोर नहीं होते हैं। जोया और सुनैना की जोड़ी अच्छी है। सूरज का किरदार नकारात्मक लग रहा है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। नेटशॉर्ट मंच पर यह श्रृंखला जरूर देखनी चाहिए। बहुत मजेदार कहानी है। सबको पसंद आएगी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक का अंत बहुत रोचक था। सब देखें।