मुकाबले के दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए! कार्ड्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करना बहुत रचनात्मक था। सूरज सिंह की लड़ाई की शैली देखकर लगता है वह सच में खतरनाक है। वाहन ठहराव क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं। विलेन की धमकियां भी कम नहीं थीं। हीरो की शांति भी देखने वाली थी। सब कुछ बहुत शानदार लगा।
जोया को लेकर हीरो की चिंता साफ झलक रही थी। जब उसने कहा वह मेरी बीवी है, तो गुस्सा साफ दिख रहा था। विक्रम ने गुंडे भेजे पर पछताएंगे। लीडर का चेहरा देखकर डर लग रहा था। नेटशॉर्ट अनुप्रयोग पर गुणवत्ता बहुत अच्छी है। कहानी में मोड़ आने वाले हैं। दर्शक के रूप में मज़ा आ गया। मुझे और देखना है।
विलेन के संवाद बोलने में दम था। भीरव दादा सबक सिखाने की बात कर रहा था पर खुद पिट गया। मुकाबले की बनावट बहुत स्मूथ थी। हीरो ने बिना हथियार के सबको हरा दिया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी धीरे-धीरे खुल रही है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। रहस्य बना हुआ है। बहुत रोमांचक है।
वाहन ठहराव क्षेत्र में लड़ाई का दृश्य क्लासिक लग रहा था। हीरो की शांति और विलेन की घमंडी हरकतें अच्छी लगीं। कार्ड फेंकने वाला दृश्य सबसे श्रेष्ठ था। ऐसा लग रहा था जैसे कोई जादू हो रहा हो। अभिनय में स्वाभाविकता है। दर्शक के रूप में मज़ा आ गया। सभी संवाद हिंदी में थे। समझने में आसानी हुई।
सूरज सिंह का किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा है। वह फौज से लौटा है या कुछ और? यह सवाल दिमाग में चल रहा है। लड़ाई के हुनर देखकर लगता है वह प्रशिक्षित है। विलेन के पास चाकू था पर काम नहीं आया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में रहस्य बना हुआ है। कहानी आगे बढ़ेगी। मुझे उत्सुकता है।