PreviousLater
Close

(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तकवां22एपिसोड

like2.1Kchase2.1K

(डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक

पूर्व सैनिक सूरज सिंह, सीईओ जोया शेट्टी का नकली प्रेमी बनता है ताकि वह विक्रम राठौर के शादी के दबाव से बच सके। सूरज ने जोया के पिता की बीमारी ठीक की, जो उसके गुरु भाई की मौत से जुड़ी थी। विक्रम ने हत्यारे भेजे और बिजनेस में नुकसान पहुँचाया, लेकिन सूरज ने सब हराया। आखिर में सूरज को पता चला कि असली दुश्मन शर्मा परिवार है, और अब उसके सामने बदला और हिफाजत दोनों हैं।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

सुरज का गुस्सा और सुरक्षा

सुरज की मुक्केबाजी देखकर लगा वह बहुत गुस्से में हैं। जब उसे सुनैना के बारे में पता चला तो वह तुरंत चल पड़े। विला से गांव के आंगन का दृश्य बहुत अलग है। पैसे के लिए परिवार वालों का दबाव असली लगता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में सुरज का रक्षक रूप अच्छा लगा। सफेद सूट वाली महिला की मदद सराहनीय है। अंत में सुरज का आना रोमांचक है। आगे क्या होगा देखना बाकी है। यह कहानी दिल को छूती है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है।

सुनैना की मजबूरी

सुनैना को अपने ही घर में बंधक सा महसूस हो रहा है। उसके माता पिता ने पांच लाख के चेक के लिए उसे बेच दिया। यह दृश्य बहुत दर्दनाक है। वह कहती है वह इंसान है सामान नहीं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह डायलॉग बहुत प्रभावशाली था। काले सूट वाला खलनायक बहुत घमंडी लग रहा है। सुरज की एंट्री से उम्मीद जागी है। परिवार के दबाव को दिखाया गया है। भावनात्मक कहानी है। दर्शक रो पड़ते हैं।

खलनायक का घमंड

काले सूट वाला व्यक्ति पैसे के जोर पर सब खरीद सकता है सोचता है। वह मुस्कुराता है जब दूसरे परेशान होते हैं। सौतेली मां ने पैसे लिए यह बात शक पैदा करती है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में खलनायक का किरदार अच्छा लिखा है। सुरज के आने से समीकरण बदल जाएगा। लाल मेज पर रखा चेक कहानी का केंद्र है। माता पिता का साथ देना चौंकाने वाला है। न्याय की उम्मीद है। बहुत गहरा संदेश है।

परिवार का काला सच

पिता का अपनी बेटी को घसीटना दिल तोड़ने वाला है। मां कहती है यह उसकी किस्मत है। उन्होंने पांच लाख में बेटी की खुशी बेच दी। यह सामाजिक सच्चाई है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में परिवार के काले सच को दिखाया गया है। सुरज और सफेद सूट वाली महिला राहत की किरण हैं। सुनैना का संघर्ष देखकर गुस्सा आता है। बहुत ही तनावपूर्ण दृश्य हैं। आगे की कहानी का इंतजार है। सब हैरान हैं।

सफेद सूट वाली महिला

सफेद सूट वाली महिला सीढ़ियों से दौड़ती हुई आती है। वह सुरज को फोन की जानकारी देती है। उसका व्यवहार पेशेवर और देखभाल करने वाला है। दोनों तुरंत मदद के लिए निकल पड़ते हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में सहायक किरदार अच्छे हैं। लीड के बीच की समझ बढ़ रही है। पूल का दृश्य शांत था फिर तूफान आया। दोस्ती की मिसाल है। यह कार्यक्रम देखने में अच्छा लग रहा है। सबको पसंद आएगा।

मजबूत संवाद

सुनैना का डायलॉग कि वह इंसान है सामान नहीं, बहुत शक्तिशाली है। खलनायक पूछता है क्या यह जल्दी नहीं है। पिता कहता है बस एक बेटी बची है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक के संवाद मजबूत हैं। आंगन में तनाव साफ महसूस हो रहा है। सुरज की चुप्पी भी बहुत कुछ कहती है। अंत में वह आंगन में पहुंच जाता है। कहानी में दम है। दर्शक जुड़ाव महसूस करते हैं। लेखन बहुत अच्छा है।

दृश्यों का विरोधाभास

विला के पूल और ईंटों वाले आंगन का विरोधाभास बहुत गहरा है। अमीरी और मजबूरी का फर्क साफ दिखता है। सुरज आराम छोड़कर मदद को आते हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में परिवेश का उपयोग अच्छा है। लाल मेज पर चेक केंद्र बिंदु है। छायांकन आंखों को सुकून देती है। कहानी में गहराई है। वर्ग अंतर को दिखाया गया है। दृश्य बहुत प्रभावशाली हैं। तकनीक शानदार है।

कहानी की रफ्तार

कहानी की रफ्तार बहुत अच्छी है। मुक्केबाजी से शुरू होकर तुरंत फोन फिर टकराव। सुनैना का विरोध बहादुरी भरा है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक समय बर्बाद नहीं करता। खलनायक की मुस्कान चिढ़ाती है। सुरज की एंट्री का समय सही है। रोमांचक कड़ी है। दर्शक बने रहते हैं। कहानी में उतार चढ़ाव है। हर पल नया मोड़ लेती है। यह शैली बहुत पसंद आ रही है।

गहरी भावनाएं

सुनैना के आंसू और गुस्सा साफ दिख रहे हैं। पिता का बेशर्मीना चौंकाने वाला है। मां का लालच साफ है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में गहरी भावनाएं जागते हैं। सुरज का दृढ़ संकल्प भरोसा दिलाता है। सफेद सूट वाली महिला अच्छी दोस्त है। नाटक बहुत उच्च है। परिवार के रिश्तों पर सवाल है। यह कहानी सोचने पर मजबूर करती है। सबको देखना चाहिए।

अधूरा संघर्ष

जैसे ही पिता गिरता है सुरज वहां आ जाते हैं। खलनायक हैरान दिखता है। संघर्ष अभी असुलझा है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक शानदार अंत पर खत्म होता है। सुरज को खलनायक को मारते देखना चाहते हैं। पैसे का मसला सुलझना बाकी है। बहुत बड़ा रहस्य है। अगली कड़ी कब आएगा। कहानी में जान है। दर्शक उत्सुक हैं। रहस्यमय अंत बहुत अच्छा है।