सूरज सिंह का ठंडा मिजाज देखकर दंग रह गए। शर्मा जी गुस्से में थे लेकिन सूरज ने बिना हिले सबको पटाखनी चखा दी। ज़ोया का साथ भी कमाल का था। इस ड्रामे में एक्शन और डायलॉग दोनों ही दमदार हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक देखने का मज़ा ही अलग है। हर सीन में नया ट्विस्ट है। सूरज की एंट्री ही हीरो वाली थी। शर्मा परिवार की ताकत के आगे भी वह नहीं झुके। यह कहानी बहुत रोचक है।
ज़ोया शेट्टी का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। जब शर्मा जी ने धमकी दी तो उसने सूरज का साथ नहीं छोड़ा। ऑफिस का माहौल तनावपूर्ण था लेकिन लड़ाई का सीन जबरदस्त था। गुंडे आए और सीधे जमीन पर। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में सत्ता का खेल साफ दिखता है। सूरज की लड़ाई की कौशल देखकर मज़ा आ गया। शर्मा जी हैरान रह गए।
महेंद्र शर्मा को लगा था कि वह सूरज को डरा देंगे लेकिन उल्टा उनकी खबर ले ली गई। दो गुंडे आए और दोनों ही बेहोश हो गए। सूरज की बॉडी लैंग्वेज से साफ था कि वह डरने वाले नहीं हैं। ज़ोया ने भी अपनी ताकत दिखाई। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे ही सीन देखने को मिलते हैं। डायलॉग बाजी भी कमाल की थी। शर्मा जी की बेबसी साफ दिख रही थी।
ऑफिस के अंदर का सीन बहुत ही इंटेन्स था। सेक्रेटरी ने जब खबर दी तो माहौल बदल गया। सूरज और ज़ोया की जोड़ी बहुत जचती है। दोनों मिलकर मुश्किलों का सामना करते हैं। शर्मा जी की दादागिरी नहीं चली। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की रेटिंग जरूर बढ़नी चाहिए। एक्शन कोरियोग्राफी बहुत स्मूथ थी। सूरज ने बिना मेहनत के सबको हरा दिया। यह शो बहुत पसंद आ रहा है।
इस शो में सत्ता का संतुलन बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। शर्मा परिवार खुद को ताकतवर समझता है लेकिन सूरज सिंह उनके आगे फीके पड़ गए। लड़ाई का सीन बहुत तेज़ था। एक पल में सब खत्म हो गया। ज़ोया का पक्ष लेना बहुत जरूरी था। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे ही जबरदस्त ड्रामा देखने को मिलता है। सूरज की आंखों में डर नहीं था। शर्मा जी को झटका लगा।