शुरू में ही रहस्य का खुलासा होता है जब वह चमकती सुई पकड़े हुए है। अस्पताल का दृश्य बहुत भावुक था, गुरुभाई की मौत ने बदले की आग लगा दी। फिर अचानक रोमांस की एंट्री होती है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह ट्विस्ट बहुत अच्छा लगा। सफेद सूट वाली महिला का प्रस्ताव हैरान करने वाला था। क्या वह सच्चे प्यार में बदल जाएगा? यह देखने लायक है।
कैमोफ्लाज जैकेट वाला व्यक्ति अपने दोस्त की मौत से टूट जाता है। वह वादा करता है कि बदला लेगा। लेकिन कहानी में मोड़ आता है जब उसे एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने को कहा जाता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह संघर्ष दिलचस्प है। बिना पढ़े साइन करना उसकी मजबूरी दिखाता है। अंत में उसकी बातें रोमांटिक हो जाती हैं।
सफेद सूट वाली महिला बहुत व्यवस्थित लगती है। उसे अपने माता-पिता के लिए झूठ बोलना पड़ रहा है। तीन महीने का अनुबंध और दस लाख का कार्ड ऑफर करना आम बात नहीं है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में यह सौदेबाजी वाला प्यार देखने में अच्छा लगता है। पुरुष किरदार का जवाब भी बहुत सटीक था। क्या वे सच में पास आएंगे?
अस्पताल का दृश्य बहुत तीव्र था। सुई का जिक्र और दिमाग तक पहुंचना खतरनाक लगता है। फिर वही व्यक्ति अब एक लग्जरी कमरे में है। कहानी में यह बदलाव बहुत तेज है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में एक्शन और रोमांस का मिश्रण सही है। उसने कॉन्ट्रैक्ट देखे बिना ही साइन कर दिया। यह उसकी बेपरवाही या मजबूरी थी?
अंत का दृश्य बहुत ही फ्लर्टी था। जब उसने कहा कि अगर प्यार हो गया तो पत्नी बन जाना, तो माहौल बदल गया। महिला हैरान रह गई। यह डायलॉग डिलीवरी शानदार थी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे पल दर्शकों को बांधे रखते हैं। भूरे जैकेट वाले का आत्मविश्वास देखने लायक है। क्या यह नाटक सच्चाई में बदलेगा?