दादाजी का आगमन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब वो कार से उतरे और रिया को गले लगाया, तो लगा असली ताकत वही हैं। रथौर परिवार को सबक सिखाने का वादा दिल को छू गया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे ही दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं। अभिनय बहुत दमदार था।
रिया की हालत देखकर बहुत बुरा लगा। चेहरे पर चोट और कपड़े गंदे थे, फिर भी हिम्मत नहीं हारी। दोस्त का साथ और दादाजी का प्यार देखकर आंसू आ गए। परिवार का सहारा सबसे बड़ी ताकत होती है। इस कार्यक्रम में भावनात्मक दृश्य बहुत अच्छे हैं।
खलनायक की हंसी सुनकर डर लग रहा था। वो तीन सौ करोड़ की बात कर रहा था और समुद्र प्रदेश पर राज करने की योजना बना रहा था। काले चोगे वालों का रहस्य क्या है? जानने के लिए बेचैन हूं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में मोड़ बहुत हैं।
दादाजी ने साफ कर दिया कि रिया को कोई हाथ नहीं लगा सकता। रथौर परिवार के इरादे साफ थे, पर अब वो पछताएंगे। संवाद प्रस्तुति जबरदस्त थी। शक्तिशाली पात्रों से भरी यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।
काले कपड़ों वाली महिला ने रिया का बहुत साथ दिया। फोन पर बात करते वक्त जो सहारा दिया, वो काबिले तारीफ है। दोस्ती निभाना आज के जमाने में मुश्किल है, पर यहाँ सब सच्चे हैं। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है।