विक्रम साहब की अकड़ देखकर डर लग रहा है। उसने ज़ोया को पाने के लिए सुरज को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की है। पच्चीस करोड़ की ऑफर देखकर दोस्त भी हैरान है। नेटशॉर्ट ऐप पर डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक देखते वक्त लगा कि विलेन बहुत खतरनाक है। सुरज का वो चमकता धागा क्या इशारा है? कहानी में अब बड़ा ट्विस्ट आने वाला है।
भूरे रंग के जैकेट वाले सुरज ने जब वो चमकती चीज़ पकड़ी तो माहौल बदल गया। लगता है वो कोई साधारण इंसान नहीं है। विक्रम की गंडी प्लानिंग के बीच सुरज की एंट्री धमाकेदार होगी। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में जादू और एक्शन का मिश्रण बहुत बढ़िया है। मैं अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ।
पार्टी का माहौल बहुत शानदार है लेकिन बातचीत में जहर घुला हुआ है। विक्रम और उसका दोस्त शराब पीते हुए दूसरों की बर्बादी की बात कर रहे हैं। ज़ोया के लिए ये मुसीबत खड़ी होने वाली है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में दिखाया गया ये अमीरी गरीबी का फर्क बहुत असली लगता है। विलेन को सबक कौन सिखाएगा? बस सुरज ही उम्मीद है।
बेचारी ज़ोया को नहीं पता कि उसके पीछे कितनी बड़ी साजिश रची जा रही है। विक्रम साहब को लगता है पैसों से सब खरीदा जा सकता है। पर सुरज ऐसा नहीं है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक की स्क्रिप्ट में जज़्बाती पहलू बहुत मज़बूत है। प्रेम कहानी के बीच ये एक्शन वाला ट्विस्ट बहुत अच्छा लगा। देखते हैं आगे क्या होता है।
पचास करोड़ की डील देखकर दंग रह गया। विक्रम को लगता है वो किसी की भी हड्डियां तुड़वा सकता है। लेकिन सुरज कोई साधारण सिपाही नहीं है। नेटशॉर्ट पर डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक देखना एक अलग अनुभव है। डायलॉग बाजी और एक्टिंग बहुत दमदार है। विलेन की नफरत साफ झलक रही है स्क्रीन पर।
सुरज के हाथ में वो चमकता हुआ धागा क्या है? ये किसी जादूई शक्ति का संकेत लग रहा है। विक्रम की गुंडेगर्दी के आगे ये शक्ति कैसे काम करेगी? डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में लौकिक शक्तियों ने कहानी को नया मोड़ दिया है। दृश्य बहुत अच्छे हैं और कहानी में जान है। मुझे ये सीन बहुत पसंद आया।
बाहर से पार्टी मस्त लग रही है लेकिन अंदर चल रही बातें खतरनाक हैं। लड़कियां शराब पिला रही हैं और मर्द मौत के सौदे कर रहे हैं। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक ने दिखाया कि अमीरी के पीछे कितना अंधेरा हो सकता है। सुरज की एंट्री से अब कहानी में रंग आएगा। हीरो की वापसी धमाकेदार होगी।
विक्रम का दोस्त भी उसकी हरकतों में शामिल है। दोनों मिलकर सुरज को नीचा दिखाना चाहते हैं। पर उन्हें नहीं पता सुरज किस मिट्टी का बना है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में दोस्ती और गद्दारी की लाइन बहुत पतली है। एक्टर्स ने अपने किरदार को बहुत अच्छे से निभाया है। मैं इस शो का दीवाना हो गया हूँ।
विक्रम की आंखों में ज़ोया के लिए लालच और सुरज के लिए नफरत साफ दिख रही है। उसने गुंडे को बुलाकर धमकी भी दी है। अब देखना ये है कि हीरो कैसे पलटवार करता है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक की रफ़्तार बहुत तेज है। हर सीन में कुछ नया होता है। दर्शकों को बांधे रखने की कला इस शो में है।
आखिरकार सुरज का सीन आया और माहौल बदल गया। वो शांत है लेकिन खतरनाक लग रहा है। विक्रम की सारी प्लानिंग फेल होने वाली है। डबिंग ब्लाइंड डेट से दिल तक में अंत की ओर बढ़ते हुए ये एपिसोड बहुत जरूरी था। एक्शन और ड्रामा का संतुलन बेहतरीन है। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज जरूर देखें।