जोया का सफेद सूट पहन कर आना और सुना को बचाना बहुत शक्तिशाली था। उसने स्पष्ट कर दिया कि सुना उसकी कर्मचारी है और उसकी जिम्मेदारी है। शर्मा परिवार का दबंगई देख कर गुस्सा आता है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं। जोया की आँखों में वो गुस्सा देख कर लगा कि अब मज़ा आएगा। नेटशॉर्ट पर ये नाटक देखना श्रेष्ठ अनुभव रहा। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया और कहानी आगे क्या होगी यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है बहुत ज्यादा।
हरे जैकेट वाले लड़के ने जब कहा कि बहन को बेचना मर्दानगी नहीं है, तब तालियाँ बजानी चाहिए थीं। उसने शर्मा परिवार को अच्छे से जवाब दिया। मिथुन को भी चुप करा दिया। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक की कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। नायक का प्रवेश और उसका व्यवहार देख कर लगता है कि अब बदलाव आएगा। सच में बहुत रोचक है। मैंने कई कार्यक्रम देखे हैं पर यह अलग है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सामग्री देखकर बहुत अच्छा लगा मुझे।
मिथुन का काला सूट और उसका घमंडी चेहरा देख कर ही नफरत हो गई। वह सुना को खिलौना समझ रहा है। पर अब जोया और हरे जैकेट वाले ने उसकी बोलती बंद कर दी है। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में खलनायक इतना चिढ़ाने वाला कैसे हो सकता है। पर यही तो नाटक है। नेटशॉर्ट ऐप पर इसे देख कर मज़ा आ गया। अब देखना है कौन जीतेगा। खलनायक का अहंकार टूटता हुआ देखना सुकून देगा। यह कहानी बहुत रोचक है।
बूढ़े आदमी और औरत का व्यवहार देख कर दुख हुआ। बेटी की शादी के लिए भाई की शादी का बहाना बनाना कितना गलत है। सुना बेचारी कहाँ फंस गई थी। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक में ऐसे सामाजिक मुद्दों को दिखाना ज़रूरी है। जोया ने सही कहा कि इंसान खरीदना अपराध है। यह दृश्य बहुत भाुक था और मुझे पसंद आया। परिवार के दबाव को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट पर ऐसे धारावाहिक मिलना दुर्लभ है।
संवादों की प्रस्तुति बहुत ज़बरदस्त थी। खास कर जब कहा गया कि शर्मा परिवार खतरनाक है। पर जोया ने कहा एक और दुश्मन सही। (डबिंग) ब्लाइंड डेट से दिल तक के संवाद दिल पर लगते हैं। अभिनय स्वाभाविक लगा और दृश्य का तनाव बढ़ता गया। मैंने नेटशॉर्ट पर कई नाटक देखे हैं पर यह अलग है। संवाद बहुत भारी थे और हर किसी के किरदार की गहराई को दिखाते थे। यह कहानी आगे बढ़ने वाली है।