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दिन में दुश्मन, रात में पियावां36एपिसोड

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दिन में दुश्मन, रात में पिया

पाँच साल पहले, नायिका एक रात का साथ देने के बाद बिना बताए चली गई। पाँच साल बाद, नायक ने जाल बिछाकर उसे वापस देश बुलाया और तीन साल के अनुबंध विवाह पर हस्ताक्षर करने को मजबूर कर दिया। इस बदला-भरे अनुबंध विवाह में, दिन में वह कड़े शब्द कहता, रात में वो अपनी पत्नी को शरमाते हुए दिल की धड़कनें बढ़ा देता। वह अपने राज़ और कर्ज़ छुपाए बैठी थी, उसे हर तरह से परेशान करने देती थी... गहरा प्यार अब जुनून बन चुका था। इस बार, वह उसे कभी नहीं जाने देगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

टिकट का राज़

सु नियानसी की उदासी देखकर दिल टूट गया। जब उसे टिकट मिला तो गुस्सा और प्यार दोनों साफ दिखे। दिन में दुश्मन, रात में पिया में ऐसा मोड़ कोई नहीं सोच सकता था। ऑफिस का माहौल बहुत तनावपूर्ण था। काश वे बात कर लेते। सोफे वाला सीन बहुत तीव्र था। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने में मज़ा आया।

छुपा हुआ सच

लॉस एंजिल्स की टिकट छुपाना बड़ी गलती थी। सु नियानसी को जाना नहीं चाहिए था। उस व्यक्ति का गुस्सा जायज था। दिन में दुश्मन, रात में पिया की कहानी बहुत गहरी है। हर एक्टिंग में दर्द साफ झलकता है। मैं हैरान रह गया। आखिर वे अलग क्यों हो रहे हैं? यह सवाल दिमाग में है।

सोफे वाला पल

सोफे पर वह सीन देखकर सांस रुक गई। प्यार और नफरत की लकीर बहुत पतली है। सु नियानसी की आंखों में आंसू थे। दिन में दुश्मन, रात में पिया ने दिल छू लिया। ऐसे ड्रामे कम ही मिलते हैं। मुझे बहुत पसंद आया। नेटशॉर्ट ऐप की गुणवत्ता भी अच्छी है। बस यही चाहती हूं वे साथ रहें।

मजबूरी का खेल

व्यापार मीटिंग के बाद सब बदल गया। सु नियानसी चुपचाप चली गई। उसने टिकट क्यों छुपाया? दिन में दुश्मन, रात में पिया में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। मुझे उनकी रसायन बहुत पसंद आई। यह जोड़ी सच्ची लगती है। अंत बहुत भावनात्मक था। देखते रह गया।

गुस्से की आग

गुस्से में उसने टिकट फेंक दिया। सु नियानसी कुछ बोल नहीं पाई। दिन में दुश्मन, रात में पिया का हर एपिसोड सस्पेंस से भरा है। मैं अगला भाग कब आएगा इसका इंतज़ार कर रही हूं। कहानी बहुत दिलचस्प है। नेटशॉर्ट ऐप पर लगातार देखना कर रही हूं। मज़ा आ रहा है।

शहर और दर्द

शहर की ऊंची इमारतें और अंदर का दर्द। सु नियानसी अकेली महसूस कर रही थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया में दृश्य बहुत सुंदर हैं। कहानी भी उतनी ही गहरी है। मुझे यह नाटक बहुत पसंद आया। सबको देखना चाहिए। प्रेम और नाटक का सही मिश्रण है।

पागलपन की हद

उसने सु नियानसी को सोफे पर गिरा दिया। प्यार में पागलपन साफ दिख रहा था। दिन में दुश्मन, रात में पिया की वजह से मैं रात भर जाग गई। इतना भावनात्मक ड्रामा पहले नहीं देखा। एक्टिंग लाजवाब है। सब सफल हो जाएं। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलना सुकून देता है।

टिकट पर नाम

टिकट पर नाम साफ था। सु नियानसी जाने वाली थी। पर उसने रोक लिया। दिन में दुश्मन, रात में पिया में मोड़ बहुत अच्छे हैं। मैं हैरान हूं कि आगे क्या होगा। क्या वे साथ रहेंगे? यह जानना जरूरी है। कहानी बहुत आगे बढ़ गई है। मज़ा आ रहा है।

वेशभूषा की चमक

काले पोशाक में वह बहुत सुंदर लग रहा था। सु नियानसी की सफेद पोशाक अलग थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया की वेशभूषा रचना भी बेहतरीन है। हर सीन में मेहनत दिखती है। मैं दीवानी हो गई हूं। सब देखें। नेटशॉर्ट ऐप का नक्शा भी अच्छा है।

खुशहाल अंत

आखिर में वे एक दूसरे को गले लग गए। सु नियानसी ने हार मान ली। दिन में दुश्मन, रात में पिया का अंत खुशहाल होना चाहिए। मुझे उनकी जोड़ी बहुत पसंद है। यह ड्रामा मेरा पसंदीदा बन गया है। बस यही चाहती हूं। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो स्पष्ट हैं।