बुजुर्ग का गुस्सा देखकर सबके होश उड़ गए थे और सन्नाटा छा गया। दिन में दुश्मन, रात में पिया में ऐसा नाटकीय मोड़ किसी ने नहीं सोचा था बिल्कुल भी। काले जैकेट वाले युवक ने तुरंत संभालने की कोशिश की लेकिन देर हो चुकी थी वहां पर। परिवार में छिपी कड़वाहट अब बाहर आ रही है धीरे धीरे। देखकर लगता है कि आगे और भी बड़ा खुलासा होने वाला है बहुत जल्द ही सबके सामने। सबकी सांसें रुक गईं डर के मारे।
नारंगी पोशाक वाली सुंदरी की आंखों में एक अजीब सी चमक थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया की कहानी में वह कुछ छिपा रही हैं जरूर। सीढ़ियों पर हुई बातचीत से लगता है कि साजिश गहरी है बहुत। युवक के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी हर पल। यह शांति तूफान से पहले की है बिल्कुल। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही अलग है।
खाने की मेज पर ही हंगामा शुरू हो गया अचानक। दिन में दुश्मन, रात में पिया में रिश्तों की डोर टूटती दिखी। सफेद साड़ी वाली लड़की भी घबरा गई थी देखकर। बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ना कोई संयोग नहीं लग रहा। सब कुछ पहले से योजनाबद्ध लगता है पूरी तरह। काले जैकेट वाले युवक की बेबसी देखकर दिल दुखी हो गया।
काले जैकेट वाले युवक के चेहरे पर लाचारी साफ दिख रही थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया में वह किस तरफ हैं यह समझ नहीं आ रहा। नारंगी पोशाक वाली से उसकी बहस जरूरी थी वहां। दीवार के पास खड़े होकर बात करना संदेह पैदा करता है। क्या वह सच बोल रहे हैं या झूठ बोल रहे हैं। यह जानने के लिए अगला एपिसोड देखना होगा जरूर।
हरी साड़ी वाली बुजुर्ग का गुस्सा आग की तरह था। दिन में दुश्मन, रात में पिया में ऐसा क्रोध पहले नहीं देखा। उंगली उठाकर चिल्लाना उनकी आदत लगती है सबको। बाकी सब डर के मारे चुप थे कोने में। परिवार के मुखिया का रौब अब खत्म होता दिख रहा है। नेटशॉर्ट पर यह ड्रामा सबसे बेहतरीन लग रहा है अभी के समय में।
सीढ़ियों पर हुई वह बातचीत बहुत महत्वपूर्ण थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यहीं से कहानी बदलेगी। नारंगी पोशाक वाली सुंदरी ने दरवाजा बंद किया था। युवक चुपचाप सुन रहा था सब कुछ। वहां का माहौल बहुत तनावपूर्ण था हर पल। रोशनी का इस्तेमाल बहुत अच्छा किया गया है। देखने वाले को बांधे रखने के लिए यह काफी है।
क्या बुजुर्ग सच में बेहोश हुईं या नाटक किया। दिन में दुश्मन, रात में पिया में हर किरदार शक के घेरे में है। सबने मिलकर संभालने की कोशिश की तुरंत। नीली पोशाक वाली लड़की सबसे ज्यादा डरी हुई थी। मेज पर रखा खाना वैसा का वैसा रह गया। इस दृश्य ने रोंगटे खड़े कर दिए। आगे क्या होगा यह सोचकर ही घबराहट होती है।
शोर के बाद जो खामोशी हुई वह कानों में गूंज रही थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यह शांति भयानक लग रही थी। युवक और नारंगी पोशाक वाली की आंखों की भाषा अलग थी। बिना बोले सब कुछ कह रहे थे वे दोनों। परिवार के राज अब धीरे धीरे बाहर आ रहे हैं। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत अच्छा लगा मुझे।
एक ही घर में इतनी नफरत कैसे पल सकती है। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यही दिखाया गया है। बुजुर्ग की बात कोई नहीं सुन रहा था वहां। युवक बीच में बचा हुआ है अकेला। नारंगी पोशाक वाली सुंदरी की चालाकी देखते बन रही थी। यह कहानी समाज का आईना है बिल्कुल। हर घर की कहानी अलग होती है पर दर्द वही होता है।
यह क्लिफहैंगर बहुत जोरदार था अंत में। दिन में दुश्मन, रात में पिया का अगला भाग कब आएगा। युवक का फैसला क्या होगा यह जानना जरूरी है। नारंगी पोशाक वाली के पास कोई सबूत हो सकता है। बुजुर्ग की तबीयत का क्या हुआ अभी तक। सब सवाल अनुत्तरित हैं। नेटशॉर्ट पर मिलने वाला अनुभव लाजवाब है। जल्दी अपडेट चाहिए।