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दिन में दुश्मन, रात में पियावां51एपिसोड

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दिन में दुश्मन, रात में पिया

पाँच साल पहले, नायिका एक रात का साथ देने के बाद बिना बताए चली गई। पाँच साल बाद, नायक ने जाल बिछाकर उसे वापस देश बुलाया और तीन साल के अनुबंध विवाह पर हस्ताक्षर करने को मजबूर कर दिया। इस बदला-भरे अनुबंध विवाह में, दिन में वह कड़े शब्द कहता, रात में वो अपनी पत्नी को शरमाते हुए दिल की धड़कनें बढ़ा देता। वह अपने राज़ और कर्ज़ छुपाए बैठी थी, उसे हर तरह से परेशान करने देती थी... गहरा प्यार अब जुनून बन चुका था। इस बार, वह उसे कभी नहीं जाने देगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अकेलेपन का दर्द

जब वह व्हिस्की का गिलास पकड़ता है, तो आँखों में बस वही दिखती है। बीमारी के दिन कितने कठिन रहे होंगे, यह सोचकर रूह कांप जाती है। दिन में दुश्मन, रात में पिया की कहानी में यह दर्द साफ झलकता है। नेटशॉर्ट पर देखते वक्त लगा कि सच्चा प्यार वही है जो मुसीबत में साथ खड़ा रहे। उसकी मुस्कान देखकर सब ठीक लगता है।

वॉकर से दौड़ तक

स्ट्रिप्ड पजामा में वॉकर के सहारे चलना और फिर पीले लिबास में दौड़ते हुए मिलना, यह सफर जादुई है। प्रियतम का इंतज़ार ही उसे ठीक कर गया। दिन में दुश्मन, रात में पिया में ऐसे पल दिल को छू लेते हैं। कार का इंतज़ार और फिर गले मिलना, बस यही तो चाहते हैं हम सब। नेटशॉर्ट पर यह सीन बार बार देखने को मन करता है।

तकिए के नीचे तस्वीर

सोते वक्त भी उसकी तस्वीर पास रखना बताता है कि मोहब्बत कितनी गहरी है। वह शायद नहीं जानता कि वह कितनी याद करती है। दिन में दुश्मन, रात में पिया के इस मोड़ पर लगता है कि दूरियां सिर्फ शरीर की होती हैं, दिल की नहीं। एक्टिंग बहुत स्वाभाविक है, बिल्कुल असली लगता है सब कुछ।

काली कार और इंतज़ार

ब्लैक कार के पास खड़ा होकर वह किस तरह देख रहा था, काश वह जल्दी आ जाती। लेकिन जब वह सामान लेकर दौड़ी, तो सब थकान मिट गई। दिन में दुश्मन, रात में पिया की यह मिलन का दृश्य सबसे शानदार है। नेटशॉर्ट पर ऐसे प्रेम भरे पल देखकर मन खुश हो जाता है। प्यार जीत गया आखिरकार।

आंसू और मुस्कान

शुरुआत में उदासी और अंत में खुशी का यह सफर देखकर रूह कांप गई। वह कितनी मजबूत है जो सब सहकर भी मुस्कुराई। दिन में दुश्मन, रात में पिया में जज़्बात का सही मिश्रण है। नेटशॉर्ट की वजह से यह कहानी देखने को मिली। हर पल में दर्द और उम्मीद दोनों हैं।

गले मिलने का सुकून

जब दोनों गले मिलते हैं, तो लगता है वक्त थम गया है। चाहे वॉकर वाला वक्त हो या कार वाला, प्यार वही रहा। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यह बंधन लाजवाब है। नेटशॉर्ट पर लगातार देखने का मन करता है। ऐसा लगता है जैसे खुद की कहानी देख रहे हों।

संघर्ष की राहें

रास्ते पर गिरना और फिर उठना, यह आसान नहीं होता। उसका साथ न होने का दर्द साफ दिख रहा था। दिन में दुश्मन, रात में पिया की कहानी में यह संघर्ष ही जान है। नेटशॉर्ट पर यह कहानी जरूर देखें। हर सीन में एक नया मतलब छिपा है जो दिल को छू जाता है।

पीली पोशाक का जादू

स्ट्रिप्ड पजामा से निकलकर पीली पोशाक में वह परी लग रही थी। वह भी कितना खुश हुआ उसे देखकर। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यह बदलाव बहुत प्यारा है। नेटशॉर्ट पर वीडियो साफ गुणवत्ता में है। बस यही चाहते हैं कि दोनों हमेशा ऐसे ही हंसते रहें।

शराब और यादें

अकेले में पीना और आँखें बंद करके उसे याद करना, यह दर्दनाक है। शायद वह उसे बचाना चाहता था इसलिए दूर था। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यह रहस्य बनी रहती है। नेटशॉर्ट पर देखते वक्त लगा कि प्यार में त्याग सबसे बड़ा होता है। सच्ची मोहब्बत की मिसाल है यह।

अधूरी कहानी पूरी हुई

बिछड़ने का दर्द और मिलने की खुशी, दोनों का संगम है यह कहानी। दिन में दुश्मन, रात में पिया ने दिल जीत लिया है। नेटशॉर्ट पर ऐसी कहानियों की कमी नहीं है। अंत में दोनों का साथ देखकर सुकून मिला। अब बस यही दुआ है कि यह साथ हमेशा बना रहे।