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दिन में दुश्मन, रात में पियावां71एपिसोड

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दिन में दुश्मन, रात में पिया

पाँच साल पहले, नायिका एक रात का साथ देने के बाद बिना बताए चली गई। पाँच साल बाद, नायक ने जाल बिछाकर उसे वापस देश बुलाया और तीन साल के अनुबंध विवाह पर हस्ताक्षर करने को मजबूर कर दिया। इस बदला-भरे अनुबंध विवाह में, दिन में वह कड़े शब्द कहता, रात में वो अपनी पत्नी को शरमाते हुए दिल की धड़कनें बढ़ा देता। वह अपने राज़ और कर्ज़ छुपाए बैठी थी, उसे हर तरह से परेशान करने देती थी... गहरा प्यार अब जुनून बन चुका था। इस बार, वह उसे कभी नहीं जाने देगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

ऑफिस का माहौल काफी तनावपूर्ण है

यह दृश्य बहुत ही रोमांचक लग रहा है जब कंपनी के मालिक अपनी बैठक से बाहर आते हैं। उनकी आंखों में एक अलग ही चमक है जो किसी खास वजह से है। दिन में दुश्मन, रात में पिया नामक इस शो में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। मुझे यह पल बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें बिना संवाद के ही कहानी समझ आ जाती है। कमरे का माहौल भी काफी तनावपूर्ण है और हर कोई इंतजार कर रहा है कि आगे क्या होगा। नेटशॉर्ट ऐप पर यह देखना बहुत मजेदार लगा और मैं आगे का इंतजार नहीं कर सकता।

नीली पोशाक वाली लड़की की एंट्री

जब वह नायिका नीली पोशाक में कमरे में प्रवेश करती है तो सबकी नजरें उसी पर टिक जाती हैं। उसका अंदाज बहुत ही आत्मविश्वास से भरा लग रहा है और वह सीधे सोफे पर बैठ जाती है। दिन में दुश्मन, रात में पिया की कहानी में यह किरदार बहुत अहम लग रहा है। उसके चेहरे के भाव बता रहे हैं कि वह कुछ छुपा रही है। मुझे यह पोशाक बहुत पसंद आई और यह कार्यालय के माहौल में भी शानदार लग रही थी। यह दृश्य देखकर लगता है कि आगे कुछ बड़ा होने वाला है और कहानी में नया मोड़ आएगा।

सफेद साड़ी में नई एंट्री

अंत में जब एक और नायिका सफेद पोशाक में दरवाजे से अंदर आती है तो माहौल बदल जाता है। उसकी चाल में बहुत नशा है और वह सीधे कैमरे की तरफ देख रही है। दिन में दुश्मन, रात में पिया में ऐसे ट्विस्ट बहुत देखने को मिलते हैं। शायद यह नया आगमन पुराने किरदारों के बीच समस्या खड़ी कर देगी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है जो कहानी को आगे बढ़ाएगी। मुझे यह आश्चर्य बहुत पसंद आया और मैं अगली कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।

बैठक वाले कमरे की सीरियसनेस

शुरुआत में जब सभी लोग बैठक वाले कमरे में बैठे थे तो वहां का माहौल बहुत गंभीर था। सब लोग फाइलों में व्यस्त थे लेकिन नजरें एक दूसरे पर थीं। दिन में दुश्मन, रात में पिया की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है तो आगे क्या होगा। मालिक साहब का गुस्सा साफ झलक रहा था और कर्मचारी डरे हुए लग रहे थे। यह कार्यालय दुनिया की सच्चाई को बहुत करीब से दिखाता है। मुझे यह वास्तविक नजरिया बहुत पसंद आया और यह शो देखने लायक है।

सोफे पर बातचीत का सीन

जब वो दोनों सोफे पर आमने सामने बैठे तो बातचीत का माहौल बहुत निजी लग रहा था। लड़का कुछ समझाने की कोशिश कर रहा था और लड़की ध्यान से सुन रही थी। दिन में दुश्मन, रात में पिया में ऐसे रोमांटिक पल बहुत खास होते हैं। उनके बीच का लगाव साफ झलक रहा था और दर्शक इसका आनंद ले रहे हैं। हाथों की हिलजुल भी बता रही थी कि बात गंभीर है। मुझे यह शांत माहौल बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें जज्बात ज्यादा थे।

ग्रे सूट वाले शख्स का रिएक्शन

बीच में जब ग्रे सूट वाला शख्स टेबल पर बैठकर इंतजार कर रहा था तो उसके चेहरे पर चिंता साफ थी। वह बार बार इधर उधर देख रहा था जैसे किसी का इंतजार हो। दिन में दुश्मन, रात में पिया में यह किरदार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शायद वह किसी तीसरे पक्ष की तरह काम करेगा जो कहानी में ट्विस्ट लाएगा। उसकी शारीरिक भाषा बहुत भावपूर्ण थी और बिना बोले सब कह गई। मुझे यह उपकथा भी बहुत रोचक लग रही है।

बुकशेल्फ वाला बैकग्राउंड

इस शो का सेट नक्काशी बहुत ही शानदार है खासकर वो बड़ी किताबों की अलमारी जो पीछे दिखाई दे रही हैं। यह कार्यालय को एक अमीर और शानदार लुक देती हैं। दिन में दुश्मन, रात में पिया की निर्माण गुणवत्ता बहुत उच्च स्तर की है। रोशनी भी बहुत मृदु है जो चेहरों पर अच्छी लग रही है। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है चाहे वो सोफा हो या टेबल पर रखे सामान। मुझे यह दृश्य अनुभव बहुत पसंद आया और यह देखने में बहुत महंगा लगता है।

हैंडबैग और एक्सेसरीज

लड़की के हाथ में जो सफेद थैला था वह उसकी नीली पोशाक के साथ बहुत अच्छा लग रहा था। उसने जो झुमके पहने थे वो भी काफी सुंदर थे। दिन में दुश्मन, रात में पिया में किरदारों की पहनने की समझ बहुत अच्छी है। हर चीज बहुत मैचिंग और सेट थी जो उनके व्यक्तित्व को बढ़ा रही थी। मुझे यह फैशन समझ बहुत पसंद आया और मैं भी ऐसा कुछ प्रयास करना चाहूंगी। यह शो सिर्फ कहानी नहीं शैली भी सिखाता है।

कहानी में आने वाला ट्विस्ट

जब दूसरी लड़की अंदर आती है तो लगता है कि पहली लड़की की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। यह क्लासिक प्रेम त्रिकोण वाला दृश्य लग रहा है जो दर्शकों को पसंद आता है। दिन में दुश्मन, रात में पिया की कहानी में ऐसे नाटक बहुत जरूरी हैं। अब देखना यह है कि लड़का किसका साथ देगा और कहानी किस मोड़ पर जाएगी। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आती है क्योंकि इसमें मजा आता है। आगे की कड़ी बहुत धमाकेदार होने वाली है।

कुल मिलाकर शो का अनुभव

इस शो को देखकर बहुत अच्छा लगा क्योंकि इसमें अभिनय से लेकर सेट सब कुछ बेहतरीन है। दिन में दुश्मन, रात में पिया ने मेरे दिल पर राज कर लिया है और मैं इसका प्रशंसक बन गया हूं। हर कड़ी में कुछ नया होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है। नेटशॉर्ट पर यह शो जरूर देखना चाहिए क्योंकि यह समय बर्बाद नहीं होने देगा। मुझे उम्मीद है कि यह शो लंबा चलेगा और हमें और भी मजा देगा। यह मेरा पसंदीदा शो बन गया है।