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वैद्य भी, योद्धा भीवां15एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण प्रवेश

जब वे दोनों प्रांगण में प्रवेश किया, तो माहौल में गहरा तनाव था। लू गुओशुआंग की गंभीरता देखकर लग रहा था कि कोई बड़ी घटना होने वाली है। काले जैकेट वाले व्यक्ति का आत्मविश्वास देखते ही बनता था। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में यह दृश्य बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। परिवार के सभी सदस्य उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। सून फेईफेंग की नजरें नहीं हट रही थीं। यह पारंपरिक घर का सेटिंग बहुत सुंदर है। सभी किरदारों के कपड़े भी बहुत अच्छे थे। यह दृश्य बहुत ही शानदार था।

हाथ मिलाने का रहस्य

हाथ मिलाने का वह दृश्य बहुत अजीब था। लू ज़ीहुआ को लगा कि उसे चुनौती दी गई है। भूरे सूट वाले व्यक्ति का घमंड टूटता हुआ साफ दिख रहा था। जब वह रिपोर्ट सामने आई, तो सबकी आंखें फटी रह गईं। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे मोड़ उम्मीद से बाहर हैं। लू जियूचेंग के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही थी। यह पारिवारिक मिलन अब युद्ध का मैदान बन गया है। कोई भी कुछ बोल नहीं पा रहा था। सब सन्न रह गए थे।

हरा सूट और ईर्ष्या

हरे सूट वाली महिला बहुत खूबसूरत लग रही थीं। लू जिनयूए उन्हें घूर रही थीं, शायद ईर्ष्या थी। कमरे में खड़ी नौकरानियां भी सब देख रही थीं। लू गुओशुआंग की कुर्सी उनकी सत्ता को दर्शाती है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में रिश्तों की जटिलताएं बढ़ रही हैं। काले जैकेट वाले ने मुस्कुराकर सबको चौंका दिया। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय था। दर्शक भी हैरान रह गए। बहुत रोमांचक लगा।

रिपोर्ट का धमाका

गंभीर बीमारी की रिपोर्ट का खुलासा किसी बम से कम नहीं था। लू जियूल्यांग शांत बैठे थे, पर उनकी आंखें सब बता रही थीं। सून फेईफेंग हैरान होकर खड़ी हो गईं। वैद्य भी, योद्धा भी में स्वास्थ्य का मुद्दा परिवार के लिए मुसीबत बन गया है। नायक की मुस्कान के पीछे कोई बड़ी योजना हो सकती है। लू ज़ीहुआ का चेहरा पीला पड़ गया था। यह कहानी अब और भी रोचक हो गई है। सब सन्न रह गए। देखने में मजा आया।

पारंपरिक सेटिंग

पारंपरिक चीनी वास्तुकला का यह दृश्य बहुत आकर्षक है। लू गुओशुआंग की दाढ़ी और कपड़े उनकी उम्र बता रहे हैं। लू जियूचेंग ने चश्मा पहना हुआ था। वैद्य भी, योद्धा भी के इस भाग में हर किरदार की अपनी अहमियत है। काले जैकेट वाले व्यक्ति ने सबका ध्यान खींच लिया। लू जिनयूए की सफेद पोशाक भी बहुत प्यारी थी। माहौल में गंभीरता साफ झलक रही थी। सब चुपचाप देख रहे थे। बहुत अच्छा लगा।

घमंड का अंत

लू ज़ीहुआ को लगा कि वह जीत गया है, पर अंत में वह हार गया। नायक ने बिना कुछ कहे सब कुछ कह दिया। वैद्य भी, योद्धा भी में डायलॉग से ज्यादा कार्यवाही बोल रहे हैं। लू जियूल्यांग की पत्नी सून फेईफेंग बहुत चिंतित लग रही थीं। कमरे की सजावट बहुत अमीराना थी। यह परिवार बहुत अमीर लग रहा है। रिपोर्ट वाला पल सबसे ज्यादा यादगार था। सबकी सांसें रुक गई थीं। बहुत तगड़ा था।

सम्मान की लड़ाई

जब वे अंदर आए, तो सभी खड़े हो गए। लू गुओशुआंग ने कोई हिलना तक नहीं था। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में सम्मान और ताकत का खेल चल रहा है। लू जियूचेंग के चेहरे पर पसीना दिख रहा था। काले जैकेट वाले की आंखों में चमक थी। लू जिनयूए ने कुछ कहने की कोशिश की। यह दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। दर्शक भी इसका अंत जानना चाहेंगे। बहुत रोमांचक था। मजा आ गया।

सच्चाई की जीत

भूरे सूट वाले लू ज़ीहुआ की अकड़ देखकर हंसी आती है। पर जब सच सामने आया तो वह चुप हो गया। वैद्य भी, योद्धा भी में सच्चाई की जीत होती है। लू जियूल्यांग ने अपनी जगह बनाई हुई थी। सून फेईफेंग की चिंता जायज थी। हरे सूट वाली महिला का व्यवहार बहुत शांत था। यह परिवारिक नाटक बहुत गहराई तक जाता है। हर किरदार का अपना रंग है। सब हैरान थे। बहुत पसंद आया।

बुजुर्गों का फैसला

लू गुओशुआंग की मौजूदगी से पूरे कमरे का वजन बढ़ गया था। लू जियूचेंग और लू जियूल्यांग दोनों चुप थे। वैद्य भी, योद्धा भी में बुजुर्गों का फैसला अंतिम होता है। काले जैकेट वाले ने सबको हैरान कर दिया। लू जिनयूए की नजरें उस पर टिकी थीं। रिपोर्ट दिखाकर उसने सबकी बोलती बंद कर दी। यह रणनीति बहुत खतरनाक थी। सब डर गए थे। बहुत शानदार था। देखने लायक है।

अंत की प्रतीक्षा

अंत में लू ज़ीहुआ का चेहरा देखकर लगा कि खेल खत्म हो गया। वैद्य भी, योद्धा भी का यह अंत बहुत तगड़ा था। लू गुओशुआंग अब क्या फैसला लेंगे, यह देखना बाकी है। लू जियूचेंग की आंखों में आंसू थे। सून फेईफेंग ने लू जिनयूए को संभाला। काले जैकेट वाले की जीत पक्की लग रही है। अगला भाग कब आएगा, इसका इंतजार है। बहुत मजा आया। सबको देखना चाहिए।