PreviousLater
Close

वैद्य भी, योद्धा भीवां48एपिसोड

2.0K2.0K

वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

काली ड्रेस वाली का संघर्ष

इस दृश्य में तनाव साफ झलकता है जब काली ड्रेस वाली लड़की घुटनों पर बैठती है। सफेद जैकेट वाले व्यक्ति का व्यवहार काफी रहस्यमयी लग रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। पृष्ठभूमि में खड़ी दोनों लड़कियां भी कुछ छिपा रही हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव काफी रोमांचक रहा है। हर पल नया रहस्य बना रहता है।

बेड़ियों वाला अंत

बेडरूम वाले सीन में जब हाथों में हथकड़ी लगती है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सफेद जैकेट वाले की आंखों में गुस्सा और कुछ और भी दिखाई दे रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी के इस एपिसोड में पावर डायनामिक्स बहुत गजब के हैं। काली ड्रेस वाली की घबराहट असली लगती है। डायलॉग्स कम हैं पर एक्टिंग बहुत दमदार है।

पीछे खड़ी दोस्तें

पीछे खड़ी दोनों लड़कियों के चेहरे के भाव बहुत गहराई बता रहे हैं। एक ब्लू ड्रेस में है और दूसरी सूट में। वैद्य भी, योद्धा भी की पटकथा में इनका रोल क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। मुख्य किरदारों के बीच की नोकझोंक देखने लायक है। सेट डिजाइन भी काफी लग्जरी लग रहा है।

चेहरे का स्पर्श

जब सफेद जैकेट वाले ने काली ड्रेस वाली के चेहरे को छुआ, तो माहौल बदल गया। यह प्यार है या धमकी, समझ नहीं आ रहा। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे सीन्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। कैमरा एंगल्स बहुत अच्छे हैं जो इमोशन को क्लोज़ से दिखाते हैं। मुझे यह थ्रिलर पसंद आ रहा है।

डाइनिंग टेबल का रहस्य

डाइनिंग टेबल पर खाना रखा है पर कोई खा नहीं रहा। यह सीन बताता है कि कुछ गड़बड़ है। वैद्य भी, योद्धा भी की स्टोरीलाइन में यह डिनर पार्टी नहीं लग रही। सफेद जैकेट वाले का अंदाज काफी डोमिनेंट है। काली ड्रेस वाली चुपचाप सब सह रही है। आगे क्या होगा यह देखना बाकी है।

आंखों का खेल

दोनों मुख्य किरदारों की आंखों की भाषा बहुत कुछ कह रही है। बिना बोले ही सब समझ आ रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे सीन्स की तारीफ करनी होगी। एक्टर्स ने अपनी भूमिका को बहुत अच्छे से निभाया है। लाइटिंग और म्यूजिक भी मूड के हिसाब से सेट है। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है।

कपड़ों का चयन

काली ड्रेस वाली का लुक बहुत इलेगेंट है पर हालात ऐसे नहीं हैं। सफेद जैकेट वाला कैजुअल लग रहा है पर उसका व्यवहार खतरनाक है। वैद्य भी, योद्धा भी में कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने अच्छा काम किया है। हर किरदार का लुक उनकी पर्सनालिटी को मैच करता है। विजुअल क्वालिटी भी काफी हाई है।

कमरे का माहौल

पूरा घर बहुत बड़ा और खूबसूरत है पर माहौल में डर है। वैद्य भी, योद्धा भी की शूटिंग लोकेशन बहुत शानदार चुना गया है। जब काली ड्रेस वाली को बेडरूम में ले जाया जाता है, तो टेंशन बढ़ जाती है। दर्शक के रूप में मैं इस सस्पेंस को एन्जॉय कर रहा हूं। यह शो निराश नहीं करता।

गुस्सा और डर

सफेद जैकेट वाले के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा है। काली ड्रेस वाली डरी हुई है पर आंखों में चमक है। वैद्य भी, योद्धा भी में किरदारों के बीच की केमिस्ट्री बहुत मजबूत है। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं लग रहा, कुछ बड़ा प्लान चल रहा है। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है।

अगला कदम क्या

हथकड़ी लगने के बाद कहानी किस मोड़ पर जाएगी, यह सोचकर ही रोमांच होता है। वैद्य भी, योद्धा भी के निर्देशक ने क्लिफहेंजर बहुत अच्छा दिया है। दोनों किरदारों के बीच की दुश्मनी या प्यार साफ नहीं है। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए। बहुत ही दमदार परफॉर्मेंस है।