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वैद्य भी, योद्धा भीवां75एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनाव से भरा माहौल

इस कहानी में तनाव बहुत है। लाल कार्पेट पर सबकी नज़रें टिकी हैं। वैद्य भी, योद्धा भी देखकर लगा कि असली खेल अब शुरू हुआ है। व्हीलचेयर वाले व्यक्ति की हंसी ने सबको चौंका दिया। हर किरदार के चेहरे पर अलग ही भाव हैं। यह दृश्य बहुत ही नाटकीय लग रहा है। संगीत और माहौल ने इसे और भी रोमांचक बना दिया है। मुझे यह पल बहुत पसंद आया। सब लोग हैरान हैं। यह बहुत अच्छा है।

नीली साड़ी का जलवा

नीली साड़ी वाली महिला बहुत आत्मविश्वास से भरी लग रही हैं। सामने खड़े व्यक्ति की नाराजगी साफ दिख रही है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। बुजुर्ग व्यक्ति की चुप्पी सब कुछ कह रही है। माहौल में अजीब सी शांति है। सब लोग हैरान हैं कि आगे क्या होगा। यह दृश्य दिलचस्प है। सबकी सांसें थमी हैं। यह बहुत अच्छा है।

काली पोशाक वाली महिला

काली पोशाक पहनी महिला की अकड़ देखकर हैरानी हुई। सब कुछ इतनी जल्दी बदल गया। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे मोड़ ही जान हैं। लाल साड़ी वाली लड़की का हैरान चेहरा दिल को छू गया। यह जलसा बहुत बड़ा होने वाला है। सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। कहानी बहुत आगे बढ़ रही है। सब लोग डरे हुए हैं। यह बहुत अच्छा है।

सूट वाले व्यक्ति की बात

सूट पहने व्यक्ति की बात सुनकर सब सन्न रह गए। कमरे में सन्नाटा छा गया है। वैद्य भी, योद्धा भी का यह भाग सबसे बेहतरीन है। देखने का मजा ही अलग है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह देखना बाकी है। हर कोई इंतजार कर रहा है। यह नाटक बहुत गहरा होता जा रहा है। सबकी नज़रें टिकी हैं। यह बहुत अच्छा है।

व्हीलचेयर का रहस्य

व्हीलचेयर पर बैठे युवक की हंसी में पागलपन था। उसकी आंखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। वैद्य भी, योद्धा भी की पटकथा बहुत मजबूत है। हर किसी के चेहरे पर सवाल हैं। यह मुकाबला बहुत खतरनाक होने वाला है। सब लोग डरे हुए हैं। यह पल बहुत ही रोमांचक है। सब चुप हैं। यह बहुत अच्छा है।

चमकदार पोशाक और चिंता

नीली चमकदार पोशाक वाली महिला बहुत सुंदर लग रही हैं। पर उनकी आंखों में चिंता साफ झलक रही है। वैद्य भी, योद्धा भी में हर पल नया रहस्य है। लाल कार्पेट पर खड़े होकर सब एक दूसरे को देख रहे हैं। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया है। सबकी सांसें रुकी हुई हैं। माहौल गंभीर है। यह बहुत अच्छा है।

बुजुर्ग का आगमन

बुजुर्ग व्यक्ति के आगमन ने सबका ध्यान खींच लिया। उनकी आवाज़ में दबदबा साफ सुनाई दिया। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में गहराई बहुत है। पीछे खड़े लोग भी हैरान हैं। यह परिवारिक झगड़ा अब सड़क पर आ गया है। सब लोग चौंक रहे हैं। यह पल बहुत ही अहम है। सब देख रहे हैं। यह बहुत अच्छा है।

चालाक मुस्कान

काले सूट वाले व्यक्ति की मुस्कान में चालाकी थी। वह सब कुछ जानबूझकर कर रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी का चरमोत्कर्ष पास आ गया है। महिलाओं के बीच की दुश्मनी साफ दिख रही है। यह नाटक देखने में बहुत मजेदार है। सबकी नज़रें एक ही जगह टिकी हैं। सब हैरान हैं। यह बहुत अच्छा है।

गुस्सा और नफरत

सब लोग एक दूसरे पर उंगली उठा रहे हैं। माहौल में गुस्सा और नफरत साफ दिख रही है। वैद्य भी, योद्धा भी ने दर्शकों को बांधे रखा है। यहां ऐसी कहानियां ही चलती हैं। अंत क्या होगा, यह कोई नहीं जानता। सब लोग हैरान हैं। यह दृश्य बहुत ही तीव्र है। सब देख रहे हैं। यह बहुत अच्छा है।

रोंगटे खड़े कर देने वाला पल

यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। हर किसी की प्रतिक्रिया अलग है। वैद्य भी, योद्धा भी का अभिनय बहुत लाजवाब है। लाल कार्पेट अब रंगमंच बन गया है। यह कहानी लंबे समय तक याद रहेगी। सब लोग दंग रह गए। यह पल बहुत ही खास है। सब हैरान हैं। यह बहुत अच्छा है।