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वैद्य भी, योद्धा भीवां68एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

व्हीलचेयर वाली एंट्री ने हिला दिया

व्हीलचेयर पर बैठे उस व्यक्ति की एंट्री ने पूरे हॉल का माहौल बदल दिया। सबकी सांसें थम सी गई थीं। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। सफेद सूट में वह कितना शांत लग रहा था, पर आंखों में आग थी। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही अलग है जब ऐसे सीन आते हैं। कलाकारों की एक्टिंग देखते ही बनती है। हर फ्रेम में तनाव साफ झलक रहा था। अगला एपिसोड कब आएगा, इसका इंतजार नहीं हो रहा है। यह ड्रामा सच में दिलचस्प होता जा रहा है।

चमड़े के जैकेट वाली लड़की का जलवा

काले चमड़े के जैकेट वाली लड़की का कॉन्फिडेंस देखकर दांतों तले उंगली दबानी पड़ती है। वह किसी से नहीं डर रही थी और सबको चुनौती दे रही थी। वैद्य भी, योद्धा भी में किरदारों की मजबूती कमाल की है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो खतरे का संकेत दे रही थी। बैनर हॉल में खड़ी हर शख्सियत अपने आप में एक पहेली लग रही थी। मुझे ऐसे मजबूत पात्र देखना बहुत पसंद है। कहानी आगे बढ़ने के साथ और रोमांचक होती जाएगी। बस यही उम्मीद है कि क्लाइमेक्स शानदार हो। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज जरूर देखें।

गंजे सिर वाले की रहस्यमयी हंसी

गंजे सिर वाले व्यक्ति की हंसी में कुछ छिपा हुआ था। वह सिर्फ मजाक नहीं कर रहा था बल्कि किसी योजना पर अमल कर रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी के प्लॉट में हर किरदार की अपनी अहमियत है। भूरे रंग के सूट में वह काफी अलग लग रहा था। उसके इशारों पर बाकी लोग प्रतिक्रिया दे रहे थे। यह साफ था कि वह इस पार्टी का अहम हिस्सा है। ऐसे सस्पेंस से भरे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है। हर मोड़ पर नया ट्विस्ट मिल रहा है।

नीली साड़ी वाली की खूबसूरती और चिंता

नीली साड़ी वाली महिला की खूबसूरती ने सबका ध्यान खींचा। पर उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही थीं। वैद्य भी, योद्धा भी में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। वह उस व्यक्ति के पास खड़ी थी जो सबसे अलग लग रहा था। रेड कार्पेट पर खड़े सभी लोग किसी बड़े खुलासे का इंतजार कर रहे थे। माहौल में तनाव था पर खूबसूरती भी बरकरार थी। ऐसे विजुअल्स देखने का अनुभव नेटशॉर्ट ऐप पर बेहतरीन है। कहानी की गति बहुत संतुलित है।

तीन लोगों का जटिल रिश्ता

तीन लोग एक साथ खड़े थे और सबकी बॉडी लैंग्वेज अलग थी। बीच वाला व्यक्ति सबसे ज्यादा गंभीर लग रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी में रिश्तों की जटिलताओं को अच्छे से दिखाया गया है। लाल साड़ी वाली महिला और काली साड़ी वाली महिला के बीच कुछ चल रहा था। यह जटिल रिश्ते बहुत दिलचस्प लग रहे हैं। दर्शक इनके बीच की कशमकश को देखकर हैरान रह जाते हैं। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है। यह शो अपने जॉनर में श्रेष्ठ है।

सफेद सूट वाले का राज

व्हीलचेयर वाले सीन ने सबको चौंका दिया। वह इतना शांत कैसे रह सकता है जब चारों तरफ शोर हो। वैद्य भी, योद्धा भी की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। उसके पीछे खड़े तीन लोग उसके गार्ड लग रहे थे। सफेद कपड़ों में वह किसी राजकुमार से कम नहीं लग रहा था। इस तरह की एंट्री किसी खलनायक या नायक की हो सकती है। अभी तक कुछ साफ नहीं हुआ है। यह अनिश्चितता ही इस शो की खासियत है। नेटशॉर्ट ऐप पर दृश्य गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है।

हॉल का माहौल और ठंडे पैनल्स

हॉल की सजावट बहुत शानदार थी पर लोगों के चेहरे पर मुस्कान नहीं थी। वैद्य भी, योद्धा भी में सेट डिजाइन भी कहानी का हिस्सा बन गया है। नीले रंग के पैनल्स ने पूरे माहौल को ठंडा कर दिया था। लोग गुटों में बंटकर खड़े थे और एक दूसरे को घूर रहे थे। यह किसी युद्ध की शुरुआत से कम नहीं लग रहा था। हर कोई अपनी चाल चल रहा था। मुझे ऐसे सामाजिक नाटक देखना बहुत पसंद है जहां संवाद से ज्यादा आंखें बात करती हैं। यह श्रृंखला लाजवाब है।

काले सूट वाले की बेचैनी

काले सूट वाले व्यक्ति की नजरें किसी को तलाश रही थीं। वह काफी बेचैन लग रहा था। वैद्य भी, योद्धा भी में हर किरदार का अपना मकसद है। उसकी बॉडी लैंग्वेज से साफ था कि वह किसी झगड़े को सुलझाने आया है। पर वहां का माहौल कुछ और ही कहानी कह रहा था। ऐसे सीन देखकर लगता है कि आगे बड़ा धमाका होने वाला है। निर्देशक ने हर कोण का सही इस्तेमाल किया है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सामग्री जरूर देखने लायक है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आया।

महिला किरदारों की मजबूती

चमड़े के कपड़े वाली लड़की ने जब बात की तो सब चुप हो गए। उसकी आवाज में दम था। वैद्य भी, योद्धा भी में महिला किरदारों को बहुत मजबूती से दिखाया गया है। वह डरने वाली नहीं थी बल्कि डराने वाली लग रही थी। उसके पीछे खड़े लोग भी उसके इशारों का इंतजार कर रहे थे। यह सत्ता संतुलन बहुत रोचक है। आधुनिक कार्यक्रम में ऐसे किरदार कम ही देखने को मिलते हैं। यह कार्यक्रम मानक सेट कर रहा है। हर एपिसोड में नया जोश मिलता है।

क्लाइमेक्स का इंतजार

अंत में जब सबकी नजरें एक दूसरे पर थीं, तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। वैद्य भी, योद्धा भी का चरमोत्कर्ष बहुत करीब आ गया है। हर किरदार अपनी जगह पर जम गया था। रेड कार्पेट पर खड़े सभी लोग अब आमने सामने थे। यह टकराव कब तक शांत रहेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। मुझे यह कार्यक्रम बहुत पसंद आ रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कार्यक्रम मिलना दुर्लभ है। कहानी की पकड़ बहुत मजबूत है और अंत तक बना रहेगी।