जब वो शख्स कागज थमा रहा था, दिल दहल गया। सुरक्षाकर्मी ने मुखौटा पहन कर अनदेखा कर दिया। अब मेरी बारी है का संदेश साफ है। कीचड़ उछलना सिर्फ कपड़ों पर नहीं, इंसानियत पर भी था। उस लाल कार वाली औरत की बेरुखी देखकर गुस्सा आया। नेटशॉर्ट पर ऐसे नाटक देखना अलग ही अनुभव है। बारिश की बूंदें आंसू बनकर गिर रही थीं।
सूट पहने उस शख्स की हालत देखकर तरस आया। चेहरे पर चोटें और कपड़े गंदे, फिर भी उम्मीद थी। लेकिन जब उस जोड़े ने छाता लेकर गुजरना देखा, तो लगा सब बदल गया। अब मेरी बारी है में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बारिश का पानी और आंसू एक हो गए थे। ये दृश्य बहुत गहरा असर छोड़ता है।
लाल रफ्तार वाली कार ने कीचड़ उछाला तो वो वहीं जम गया। उसकी आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। वो औरत बिना पलके झपकाए आगे बढ़ गई। अब मेरी बारी है की कहानी में ये बदला कैसे लेगा, ये देखना बाकी है। दृश्य बहुत ही दमदार थे और अभिनय लाजवाब। हर पल में तनाव बना हुआ था।
कभी ये शख्स इस दुकान का मालिक रहा होगा। अब वहां कचरा और चित्रकारी है। उसकी अपील ठुकरा दी गई। अब मेरी बारी है का शीर्षक ही बताता है कि वो चुप नहीं बैठेगा। नेटशॉर्ट मंच पर ये कड़ी देखते वक्त लगा जैसे खुद उस बारिश में खड़ा हूं। माहौल बहुत ही उदास और गंभीर था।
सुरक्षा वाले ने मास्क लगाकर मुंह छिपा लिया, जैसे जिम्मेदारी से भाग रहा हो। उस शख्स की विनती व्यर्थ गई। अब मेरी बारी है में दिखाया गया हर पल दर्दनाक है। वो जोड़ा इतना सुंदर था पर नजरें नहीं मिलीं। ये दुनिया कितनी क्रूर हो सकती है। दिल को ठेस पहुंची।
उसकी आंखों में आंसू नहीं, आग थी जब कार दूर गई। गंदे कपड़ों में भी उसका जुनून बाकी है। अब मेरी बारी है की कहानी में ये कैसे उठेगा, ये देखना दिलचस्प होगा। बारिश का माहौल और उदासी बहुत गहराई से दिखाई गई है। निर्माण गुणवत्ता भी बहुत अच्छी लगी।
सड़क पर कचरा और टूटी खिड़कियां। उस शख्स का शाम का लिबास अब मैला हो चुका है। अब मेरी बारी है में ऐसे दृश्य दिल तोड़ देते हैं। वो औरत कार में बैठकर मुस्कुराई, ये सबसे बड़ा धोखा था। नेटशॉर्ट पर कहानी बहुत आगे बढ़ गई है। अगली कड़ी कब आएगी, इंतजार है।
वो अपील पत्र बारिश में भीग गया, जैसे उसकी उम्मीदें। सुरक्षाकर्मी ने उसे छूने भी नहीं दिया। अब मेरी बारी है में ये छोटी चीजें बड़ा असर छोड़ती हैं। उस शख्स की चीख सुनकर रूह कांप गई। बहुत ही भावुक दृश्य था। हर संवाद में वजन था। दर्शक को रोने पर मजबूर कर देता है ये पल।
अंत में वो जोड़ा आया, साफ सुथरे कपड़ों में। शायद ये नए मालिक हैं। उस शख्स के लिए सब खत्म हो गया। अब मेरी बारी है का मतलब शायद वही समझ रहा है। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसी सामग्री की कमी थी जो दिल को छू जाए। कहानी में बहुत गहराई है। आगे क्या होगा ये जानना जरूरी है।
पूरा शहर गवाह बना उसकी बेइज्जती का। कीचड़ से सना चेहरा और टूटी हुई आंखें। अब मेरी बारी है में ये किरदार कैसे पलटेगा, सबकी नजरें हैं। बारिश का पानी सब धो लेता है पर ये दाग नहीं। बहुत ही शानदार निर्माण। देखने वाले को सोचने पर मजबूर कर देता है।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम