इस शो में तकनीक और व्यापार का जो मिश्रण दिखाया गया है वह बहुत ही रोचक और आकर्षक है। मंच पर खड़े वक्ता का जोश और ऊर्जा देखकर लगता है कि कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। अब मेरी बारी है का यह कड़ी वाकई दिलचस्प मोड़ लेता है और दर्शकों को बांधे रखता है। दर्शकों की तालियां और कैमरे की फ्लैश लाइट्स माहौल को और भी रोमांचक बना रही हैं। हर डायलॉग में वजन है और कलाकारों की एक्टिंग बहुत प्रभावशाली लग रही है।
जब मुख्य पात्र दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने जाता है तो स्क्रीन पर जो तनाव दिखाई देता है वह लाजवाब और बेमिसाल है। वैश्विक शिखर सम्मेलन का माहौल बहुत गंभीर और सटीक लग रहा है। अब मेरी बारी है में ऐसे सीन देखकर लगता है कि कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। पीछे खड़े शेफ और अन्य लोग भी इस नाटक का हिस्सा लग रहे हैं। हर किसी के चेहरे पर अलग अलग भावनाएं साफ झलक रही हैं और यह देखने में बहुत अच्छा लग रहा है।
सोफे पर बैठकर फोन देखने वाले सीन में जो हैरानी और चौंक दिखाई गई है वह बहुत वास्तविक और दमदार लगती है। शायद उसे कोई बुरी खबर मिली है या कोई बड़ा खुलासा हुआ है जो उसे हिला गया है। अब मेरी बारी है की कहानी में यह पल बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कलाकार की आंखों का डर और आश्चर्य बहुत अच्छे से कैद किया गया है। ऐसे सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं और उत्सुकता बढ़ाते हैं।
दो मुख्य पात्रों के बीच मंच पर जो ठन गई है वह देखने लायक और रोमांचक है। एक वक्ता जोश में है तो दूसरा शांत लेकिन गंभीर लग रहा है। अब मेरी बारी है में इस तरह की प्रतिद्वंद्विता कहानी को आगे बढ़ाती है और दिलचस्प बनाती है। माइक पकड़ने का तरीका और बोलने का अंदाज हर किसी की अलग पहचान बना रहा है। यह व्यापार नाटक बहुत गहराई से लिखा गया लगता है और पसंद आ रहा है।
ऑडियंस में बैठे लोगों का प्रतिक्रिया बहुत दिलचस्प और सटीक है। कुछ ताली बजा रहे हैं तो कुछ गंभीरता से सुन रहे हैं और ध्यान दे रहे हैं। अब मेरी बारी है के इस सीन में भीड़ का होना यह दिखाता है कि मामला कितना बड़ा और गंभीर है। कैमरे और फोटोग्राफर्स की मौजूदगी से लगता है कि यह कोई साधारण बैठक नहीं है। हर किसी की नजर मंच पर टिकी हुई है और सब कुछ देख रहे हैं।
मंच के पीछे खड़े सफेद वर्दी वाले शेफ्स देखकर हैरानी और आश्चर्य हुआ। आखिर एक व्यापार सम्मेलन में उनका क्या काम है और वे क्यों खड़े हैं। अब मेरी बारी है में ऐसे छोटे छोटे डिटेल्स कहानी को रहस्यमयी बनाते हैं और सोचने पर मजबूर करते हैं। शायद खाने का कोई नया तकनीक लॉन्च होने वाला है या यह कोई संकेत है। यह दृश्य बहुत ही अनोखा और यादगार लग रहा है और दिमाग में रहता है।
कलाकारों ने जो सूट पहने हैं वे बहुत ही शानदार और सजावट में हैं और जच रहे हैं। नीली पट्टी वाला सूट पहने व्यक्ति की पर्सनालिटी बहुत प्रभावशाली और आकर्षक लग रही है। अब मेरी बारी है में कॉस्ट्यूम डिजाइन पर बहुत ध्यान दिया गया है और यह साफ दिखता है। हर किरदार की पोशाक उसके किरदार के अनुसार ही चुनी गई लगती है। यह दृश्य ट्रीट दर्शकों को बहुत पसंद आएगी और अच्छी लगेगी।
कहानी में जो मोड़ आ रहे हैं वे बहुत ही अप्रत्याशित और चौंकाने वाले हैं। एक पल खुशी है तो अगले पल तनाव दिखाई दे रहा है और बदल रहा है। अब मेरी बारी है का हर कड़ी नई उम्मीदें जगाता है और बांधे रखता है। हस्ताक्षर करने वाला सीन शायद किसी बड़े धोखे की शुरुआत हो सकता है। दर्शक हर पल यह सोचते हैं कि आगे क्या होने वाला है और कब क्या होगा।
कलाकारों के चेहरे के भाव बहुत गहरे और असली हैं। गुस्सा, खुशी, हैरानी सब कुछ बहुत नेचुरल और सटीक लग रहा है। अब मेरी बारी है में इमोशनल एक्टिंग को बहुत प्राथमिकता दी गई है और यह दिखता है। माइक के सामने खड़े होकर बोलते वक्त जो कंपन दिखाई देता है वह असली लगता है। यह शो सिर्फ व्यापार नहीं इंसानी रिश्तों पर भी है और गहरा है।
नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर यह शो देखना बहुत सुकून देने वाला और अच्छा अनुभव है। क्वालिटी और स्टोरीलाइन दोनों ही बहुत बेहतरीन और शानदार हैं। अब मेरी बारी है जैसे शो देखकर लगता है कि भारतीय ऑनलाइन श्रृंखला का स्तर बढ़ रहा है। हर सीन में नयापन है और बोरियत का नामोनिशान नहीं है। इसे जरूर देखना चाहिए और अपना समय बर्बाद नहीं होगा।
इस एपिसोड की समीक्षा
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