इस शो की शुरुआत ही दिल दहला देने वाली है। जब वह गेट पर खड़ा होता है और मशीन लाल बत्ती दिखाती है, तो लगता है जैसे किस्मत ही बदल गई हो। अब मेरी बारी है का यह सीन बहुत गहरा असर छोड़ता है। अमीर आदमी ऊपर बैठकर सब देख रहा है, जबकि नीचे एक इंसान की जिंदगी बर्बाद हो रही है। यह सिर्फ संघर्ष नहीं बल्कि इंसानियत का सवाल है। मुझे नेटशॉर्ट ऐप पर यह देखकर बहुत गुस्सा आया और लगा कि दुनिया कितनी बदल गई है। सच में बहुत ही दमदार कहानी है जो दिमाग हिला देती है।
कीचड़ में गिरने वाला वह दृश्य मुझे आज भी याद है। जब गार्ड्स उसे खींचते हैं और वह चीखता है, तो रूह कांप जाती है। अब मेरी बारी है में दिखाया गया यह दर्द सिर्फ शारीरिक नहीं है। ऊपर ऑफिस में बैठे व्यक्ति की ठंडी नजरें सब कुछ बताती हैं। कैसे एक सिस्टम इंसान को कुचल सकता है, यह देखना दर्दनाक है। एक्टिंग इतनी असली लगती है कि लगा मैं वहीं खड़ा हूं। वीडियो की क्वालिटी भी नेटशॉर्ट ऐप पर बहुत शानदार थी। हर पल तनाव बना रहता है।
बायोमेट्रिक स्कैन का वह पल जब हरा बत्ती की उम्मीद टूट जाती है, बहुत ही क्रूर है। अब मेरी बारी है की कहानी में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इंसान को अलग करने के लिए हुआ है। रोबोट्स बिना किसी भावना के काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर की रोशनी में बैठे व्यक्ति को कोई फर्क नहीं पड़ता। यह विरोधाभास बहुत तेज है। मुझे यह ड्रामा नेटशॉर्ट ऐप पर देखकर बहुत हैरानी हुई। कलाकारों ने जान डाल दी है। यह भविष्य का डरावना सच लगता है।
व्हिस्की का गिलास और सामने मॉनिटर पर चल रहा दर्द, यह तुलना बहुत गहरी है। अब मेरी बारी है में दिखाया गया यह दृश्य पावर डायनामिक्स को बयां करता है। एक तरफ आराम और ठंडक, दूसरी तरफ कीचड़ और चीखें। डायरेक्टर ने कैमरा एंगल्स का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया है। जब वह व्यक्ति ईयरबड लगाता है, तो लगता है वह सब कुछ कंट्रोल कर रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट मिलना सुखद है। कहानी बहुत मजबूत है।
फैक्ट्री का वह विशाल दृश्य जहां कचरा और इंसान दोनों एक जैसे लग रहे हैं, बहुत प्रभावशाली है। अब मेरी बारी है की दुनिया बहुत ही डरावनी लगती है। जब वह व्यक्ति गेट के बीच में गिर जाता है, तो लगता है रास्ते बंद हो गए हैं। गार्ड्स का व्यवहार बहुत रूखा है। ऐसा लगता है कि भविष्य में इंसानियत खत्म हो जाएगी। मुझे यह सीरीज नेटशॉर्ट ऐप पर बहुत पसंद आई। हर सीन में एक नया सवाल है जो हमें सोचने पर मजबूर करता है।
उसकी आंखों में जो चीख थी, जब वह कीचड़ में लेटा था, वह शब्दों में बयां नहीं हो सकती। अब मेरी बारी है के इस किरदार ने सबका दिल जीत लिया है। मदद के लिए तरसना और कोई सुनने वाला न होना, यह सबसे बड़ा दुख है। ऊपर बैठे व्यक्ति की खामोशी शोर मचा रही है। यह कहानी हमें सोचने पर मजबूर कर देती है। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत अच्छा है जिससे यह सब देख सकें। सच में लाजवाब प्रदर्शन है जो दिल को छू लेता है।
शहर की ऊंची इमारत और नीचे की गंदगी, यह फर्क साफ दिखाया गया है। अब मेरी बारी है में यह सेटिंग बहुत मायने रखती है। जब वह ऑफिस वाली कुर्सी पर बैठकर सब देखता है, तो लगता है वह भगवान बन बैठा है। लेकिन नीचे जमीन पर सच्चाई कुछ और है। यह कहानी बहुत लेयरड है। मुझे नेटशॉर्ट ऐप पर यह थ्रिलर बहुत पसंद आया। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट है जो दर्शकों को बांधे रखता है। बहुत ही शानदार प्रोडक्शन है।
रोबोट्स का वह चलना और गेट का खुलना बंद होना, सब कुछ बहुत सिस्टमेटिक है। अब मेरी बारी है में टेक्नोलॉजी का डर दिखाया गया है। जब इंसानियत खत्म हो जाए तो मशीनें राज करती हैं। उस गरीब कर्मचारी की हालत देखकर रोना आ गया। गार्ड्स ने भी कोई रहम नहीं दिखाया। यह दुनिया बहुत क्रूर लगती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी गहरी कहानियां मिलना दुर्लभ है। मुझे बहुत प्रभावित किया है। यह भविष्य की चेतावनी है।
मॉनिटर पर कई स्क्रीन देखना और सब पर वही दर्द, यह बहुत अजीब लगता है। अब मेरी बारी है में निगरानी का यह खेल बहुत आगे बढ़ गया है। वह व्यक्ति सब देख रहा है पर कुछ नहीं कर रहा। यह उदासीनता सबसे बड़ी समस्या है। जब वह व्हिस्की पीता है तो लगता है उसे मजा आ रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह वीडियो देखकर मैं हैरान रह गया। बहुत ही बेहतरीन निर्माण है। हर छोटी चीज पर ध्यान दिया गया है।
अंत में जब वह चीखता है तो लगता है सब खत्म हो गया। अब मेरी बारी है का यह क्लाइमेक्स बहुत इमोशनल है। एक तरफ अमीरी का नशा और दूसरी तरफ गरीबी का दर्द। यह कहानी समाज का आईना है। मुझे नेटशॉर्ट ऐप पर यह कंटेंट देखकर अच्छा लगा। ऐसे ड्रामे जो सोचने पर मजबूर करें, बहुत कम बनते हैं। सभी एक्टर्स ने बहुत मेहनत की है। यह जरूर देखना चाहिए। कहानी बहुत गहरी और प्रभावशाली है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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