अंधेरी गली और चमकदार स्क्रीन का विरोधाभास दिल दहला देने वाला है। जब वह शादी देख रहा था, तो आँखों में दर्द साफ दिख रहा था। अब मेरी बारी है में ऐसे सीन्स दिल पर चोट करते हैं। भीड़ में अकेलापन सबसे बुरा होता है। गीली सड़क और अखबारों का बिखराव माहौल को और गहरा बनाता है।
सफेद सूट वाला बहुत क्रूर लगा। बिना किसी वजह के घायल शख्स को पीटना सही नहीं था। उसकी आँखों में नफरत साफ झलक रही थी। अब मेरी बारी है की कहानी में यह मोड़ बहुत अंधेरा है। काश कोई मदद के लिए आता। गली की गंदगी और उनकी साफ़ सुथरी पोशाक का अंतर बहुत गहरा है।
आखिर में चाकू निकालना बहुत चौंकाने वाला था। उसकी मुस्कान में पागलपन था। अब वह चुप नहीं बैठने वाला। अब मेरी बारी है का क्लाइमेक्स शायद यहीं से शुरू होता है। बदला लेने की आग उसकी आँखों में साफ दिख रही थी। यह अंत नहीं बस शुरूआत है।
शहर की रोशनी और गली का अंधेरा। दो दुनिया का मिलन बहुत खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है। वह शादी देख रहा था पर उसकी ज़िंदगी में जंग था। अब मेरी बारी है में यह विषाद बहुत गहरा है। हर कोई अपनी लड़ाई लड़ रहा है। कोई किसी का हाल नहीं पूछता।
काले कपड़े वाला भी कम खतरनाक नहीं था। दोनों ने मिलकर घायल शख्स को तोड़ दिया। पर वह टूटा नहीं, निखरा है। अब मेरी बारी है में किरदार की यह बदलाव बहुत तेज़ है। अब शिकारी कौन है, यह साफ नहीं है। उसकी मुट्ठी पर पट्टी और खून कहानी बता रहा है।
बारिश की बूंदें और सीमेंट की सड़क। माहौल बहुत उदास था। जब उसने स्क्रीन की तरफ इशारा किया, तो लगा कुछ जानता है। अब मेरी बारी है में रहस्य बहुत गहरा है। शायद वह दुल्हन को पहचानता था। यह सोचकर ही रोंगटे खड़े होते हैं। दिल दहल गया।
जख्मी हाथ और फटी हुई जैकेट। उसकी हालत देखकर तरस आया। पर अंत में जो हुआ वह उम्मीद नहीं थी। अब मेरी बारी है में ऐसे ट्विस्ट देखने को मिलते हैं। वह अब डरने वाला नहीं है। खून के दाग उसकी ताकत बन गए हैं। बदलाव साफ दिख रहा है।
विलासिता और गरीबी का यह खेल कब तक चलेगा। अमीर लोग मजे करें और गरीब शख्स तड़पे। अब मेरी बारी है यह सवाल बहुत तेज़ी से उठाता है। उसकी चीख कोई नहीं सुनता। अब वह खुद सुनवाई करेगा। यह न्याय का दूसरा रूप है। बहुत गहरा संदेश है।
अखबारों के टुकड़े और कचरे के ढेर। उसकी दुनिया बस इतनी ही थी। पर सपने बड़े थे। अब मेरी बारी है में सपनों और हकीकत का टकराव बहुत खूबसूरत है। उसकी आँखों में अब आंसू नहीं, आग है। यह शुरूआत भर है। आगे क्या होगा देखना बाकी है।
दो सूट वाले और एक अकेला घायल शख्स। ताकत का गलत इस्तेमाल हुआ। पर ताकतवर वही है जो हार न माने। अब मेरी बारी है की यही खासियत है। चाकू की धार पर अब सबका भविष्य टिका है। कौन जीतेगा, यह देखना बाकी है। रोमांचक कहानी है।
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