शुरू में सैल्मन मछली पर नमक छिड़कते हुए दृश्य बहुत आकर्षक और सुंदर लगता है। फिर प्रमाण पत्र दिखाकर गुणवत्ता का बड़ा दावा किया गया। लेकिन जब सूट वाले व्यक्ति ने रसोई का बारीक निरीक्षण किया, तो तनाव बढ़ गया। जोस का परिचय देखकर हैरानी हुई। अंत में ग्राहक की शिकायत ने सब बदल दिया। अब मेरी बारी है में यह मोड़ बहुत रोचक था।
क्या वाकई यह सर्वोत्तम गुणवत्ता है?प्रमाण पत्र दीवार पर टंगा था, पर रसोई में हालात कुछ और ही थे। सूट वाले शख्स की नजरें सब कुछ भांप रही थीं। महिला की चिंता साफ दिख रही थी। जब मांस काटा गया, तो लगा कुछ गड़बड़ है। अब मेरी बारी है की कहानी में यह संदेह बहुत गहरा है।
टक्सीडो पहने जोस सब्जी काटने वाला बताया गया, यह मजाक लग रहा था। उसका व्यवहार बहुत अलग था। सूट वाले व्यक्ति से उसकी बहस देखकर लगा कि कोई बड़ा खेल चल रहा है। रसोइये ने मांस को कैसे काटा, यह भी संदेह पैदा करता है। अब मेरी बारी है में पात्रों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत तेज है।
अंत में बुजुर्ग ग्राहक के सामने स्टेक परोसा गया। उसने काटा और चखा, फिर उसका गुस्सा देखकर सब डर गए। वेटर को पकड़ लिया गया। क्या खाना खराब था या कुछ और योजना थी? यह दृश्य बहुत नाटकीय था। अब मेरी बारी है का अंत हमें अगले भाग के लिए बेचैन कर देता है।
पूरी रसोई में सन्नाटा छाया हुआ था। जब निरीक्षण हो रहा था, तो हर कोई सांस रोके खड़ा था। सूट वाले व्यक्ति की गंभीरता देखकर लग रहा था कि वह कोई बड़ा अधिकारी है। महिला की आंखों में डर साफ था। अब मेरी बारी है में यह माहौल बहुत अच्छे से बनाया गया है।
कच्चे मांस को काटते हुए रसोइये के हाथ कांप रहे थे या यह मेरा वहम था?सूट वाले व्यक्ति ने कागजात देखे और फिर फ्रिज खोला। वहां से मछली निकाली गई। हर कदम पर शक बढ़ता गया। अब मेरी बारी है की पटकथा में यह जांच बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जोस के कपड़े देखकर लगा वह मैनेजर है, पर वह सब्जी काटने वाला निकला। यह विरोधाभास बहुत दिलचस्प है। उसकी मुस्कान के पीछे कुछ छिपा था। सूट वाले व्यक्ति से उसकी बहस देखकर लगा कि सत्ता का संघर्ष चल रहा है। अब मेरी बारी है में यह पात्र बहुत रहस्यमयी है।
डायनिंग हॉल का दृश्य बहुत शांत था, फिर अचानक शोर हुआ। बुजुर्ग ग्राहक ने स्टेक पर आपत्ति जताई। वेटर को सुरक्षा गार्ड ने पकड़ लिया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि समझ नहीं आया। अब मेरी बारी है में यह क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार है।
दीवार पर लगा प्रमाण पत्र सिर्फ कागज का टुकड़ा लग रहा था। असली गुणवत्ता रसोई में दिखनी चाहिए थी। सूट वाले व्यक्ति ने कागजात पढ़े और फिर निराश हुए। क्या यह धोखा था?अब मेरी बारी है में यह सवाल बहुत बड़ा है।
कहानी अभी अधूरी लग रही है। रसोई में जो हुआ, उसका असर ग्राहकों पर पड़ा। अब क्या सूट वाला व्यक्ति बदला लेगा?या जोस का राज खुलेगा?अब मेरी बारी है का अगला एपिसोड देखने के लिए मैं बेताब हूं। यह रोमांचक सफर जारी है।
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