इस दृश्य में बैंगनी पोशाक पहने व्यक्ति की हरकतें बहुत संदिग्ध लग रही हैं। वह बार-बार अपनी दाढ़ी सहला रहा है और आंखों से कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है। सामने बैठी महिला की शांत मुद्रा उसके गुस्से को और बढ़ा रही है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे तनावपूर्ण पल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लगता है कोई बड़ी साजिश रची जा रही है जो जल्द ही सबके सामने आएगी।
सफेद पोशाक में सजी इस महिला की खूबसूरती और गंभीरता देखते ही बनती है। उसके माथे पर लगा लाल टिका और कानों में लटकते झुमके उसकी शान को बढ़ा रहे हैं। वह बिना कुछ बोले ही सामने वाले को डरा रही है। बदला जो रूका नहीं के इस एपिसोड में उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। ऐसा लग रहा है कि वह किसी बड़े फैसले की कगार पर खड़ी है।
कमरे में जलती मोमबत्तियों की रोशनी ने पूरे माहौल को डरावना बना दिया है। बैंगनी पोशाक वाले व्यक्ति के चेहरे पर पसीने की बूंदें साफ दिख रही हैं। वह कुछ बोलने की कोशिश कर रहा है लेकिन शब्द गले में अटक रहे हैं। बदला जो रूका नहीं में ऐसे सीन देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। पीछे खड़ी नौकरानी की घबराहट भी कुछ छिपा रही है।
मेज पर पड़े उस कागज पर क्या लिखा है जो सबकी नजरें उसी पर टिकी हैं। सफेद पोशाक वाली महिला की उंगलियां कागज के किनारे को पकड़े हुए हैं जैसे वह किसी सबूत को संभाल रही हो। बदला जो रूका नहीं में यह कागज किसी बड़े राज की चाबी साबित हो सकता है। बैंगनी पोशाक वाले की घबराहट इस बात का सबूत है कि वह कागज उसके लिए मौत का संदेश है।
हरे रंग की पोशाक पहनी नौकरानी कोने में खड़ी सब कुछ देख रही है लेकिन कुछ बोल नहीं रही। उसकी आंखों में डर और हैरानी दोनों साफ झलक रहे हैं। वह जानती है कि अगर उसने मुंह खोला तो उसका क्या हाल होगा। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदार अक्सर कहानी का मोड़ बदल देते हैं। लगता है वह किसी बड़े खुलासे का इंतजार कर रही है।