सफेद पोशाक पहने राजकुमार का व्यवहार देखकर लगता है कि उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड है। वह दरबार में सबके सामने इशारे कर रहा है, जैसे वह सबका मालिक हो। लेकिन बदला जो रुका नहीं में अक्सर यही अहंकार पतन का कारण बनता है। पीछे खड़े मंत्री की चिंतित आँखें सब कुछ बता रही हैं कि आने वाला समय आसान नहीं होगा।
सम्राट के सिर पर लगा वह भारी ताज और चेहरे पर लटके मोती उनके असली चेहरे को छिपा रहे हैं। यह दृश्य बहुत प्रतीकात्मक है, जहाँ सत्ता इंसान को अकेला कर देती है। बदला जो रुका नहीं की कहानी में यह दृश्य एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है, जहाँ राजा की चुप्पी शायद किसी बड़े फैसले की ओर इशारा कर रही हो।
बैंगनी पोशाक पहने मंत्री का चेहरा देखकर लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है। वह बार-बार अपनी दाढ़ी सहला रहा है और उसकी नजरें चोर हैं। बदला जो रुका नहीं में ऐसे पात्र अक्सर कहानी को मोड़ देते हैं। लगता है कि यह मंत्री राजकुमार के खिलाफ कोई बड़ी चाल चलने वाला है, जो दरबार के माहौल को और भी तनावपूर्ण बना रहा है।
सफेद साड़ी पहनी रानी का चेहरा बिल्कुल शांत है, लेकिन उसकी आँखों में एक गहरा दर्द छिपा है। वह सब कुछ सुन रही है लेकिन चुप है। बदला जो रुका नहीं में महिला पात्रों की यह चुप्पी अक्सर तूफान से पहले की शांति होती है। उसका यह धैर्य और संयम दर्शकों को उसकी ताकत का अहसास कराता है।
नीली पोशाक पहने युवक का चेहरा चिंतित है। वह राजकुमार की बातों को गौर से सुन रहा है और उसकी आँखों में सवाल हैं। बदला जो रुका नहीं में यह पात्र शायद राजकुमार का सबसे करीबी दोस्त हो, जो उसकी गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रहा है। उसकी चिंता दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर कर देती है।