सफेद पोशाक पहने वह शख्स जब दरवाजे से बाहर आता है, तो लगता है जैसे कोई देवता उतर आया हो। उसकी चाल में एक अलग ही नशा है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य देखकर दिल धड़कने लगता है। कमरे के अंदर का माहौल भी बहुत गहरा है, जहाँ लाल रंग की सजावट और मोमबत्तियों की रोशनी एक रहस्यमयी अहसास देती है।
जब वह शख्स कमरे में प्रवेश करता है, तो लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। अंदर बैठे लोग उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। बदला जो रूका नहीं की कहानी में यह मोड़ बहुत ही दिलचस्प है। महिला की पोशाक और उसके गहने उसकी हैसियत बता रहे हैं। हर फ्रेम में एक नया राज छिपा है।
कमरे में बैठी महिला की खूबसूरती और उसकी पोशाक देखकर लगता है कि वह किसी राजघराने से ताल्लुक रखती है। उसके चेहरे पर एक अलग ही नूर है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदारों को देखकर लगता है कि कहानी बहुत गहरी है। उसकी आँखों में कुछ छिपा है जो सामने वाले को बेचैन कर देता है।
जब वह शख्स कमरे में आता है, तो सबकी नज़रें उस पर टिक जाती हैं। लगता है कि वह कोई अहम खबर लेकर आया है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे सस्पेंसफुल सीन्स देखकर दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं। कमरे का माहौल और लोगों के चेहरे के भाव सब कुछ बता रहे हैं कि कुछ बड़ा होने वाला है।
सभी किरदारों की पोशाकें इतनी खूबसूरत हैं कि लगता है जैसे कोई ऐतिहासिक ड्रामा देख रहे हों। सफेद, हरे और सुनहरे रंगों का इस्तेमाल बहुत ही बेहतरीन है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे विजुअल्स देखकर लगता है कि मेहनत की गई है। हर किरदार की पोशाक उसकी शख्सियत को बयां कर रही है।