सफेद वस्त्र पहने युवक की मुस्कान देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह इतना शांत कैसे रह सकता है जब सामने इतना तनाव हो? बदला जो रूका नहीं में यह दृश्य बताता है कि असली खलनायक वही होता है जो सबसे ज्यादा मासूम दिखता है। उसकी आँखों में चमक और होंठों पर वो मुस्कान किसी षड्यंत्र की ओर इशारा कर रही है।
हरे रंग की साड़ी में लिपटी वह महिला किसी तूफान से कम नहीं लग रही थी। उसकी आँखों में गुस्सा और चेहरे पर गंभीरता साफ झलक रही थी। बदला जो रूका नहीं के इस सीन में वह किसी बड़े फैसले के कगार पर खड़ी लगती हैं। क्या वह उस सफेद पोशाक वाले के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाने वाली हैं? माहौल बहुत गरमाया हुआ है।
जो महिला मेज पर बैठी है, उसके चेहरे पर साफ डर और चिंता दिखाई दे रही है। मोमबत्ती की रोशनी में उसका चेहरा और भी डरावना लग रहा था। बदला जो रूका नहीं में यह पल बहुत ही सस्पेंस से भरा है। लगता है कि कमरे में चल रही बातचीत उसके लिए किसी बुरी खबर से कम नहीं है। उसकी सांसें थमी हुई सी लग रही थीं।
ग्रे रंग की पोशाक पहने युवक की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वह बस खड़ा था और सब कुछ देख रहा था। बदला जो रूका नहीं में उसका किरदार बहुत ही रहस्यमयी लग रहा है। क्या वह इन दोनों के बीच का पुल है या फिर वह भी किसी साजिश का हिस्सा है? उसकी आँखों में एक अजीब सी बेचैनी साफ पढ़ी जा सकती थी।
कमरे में लटका हुआ लाल पर्दा और मोमबत्तियों की रोशनी ने एक अजीब सा माहौल बना दिया है। बदला जो रूका नहीं का यह सेट डिजाइन बहुत ही शानदार है जो कहानी के तनाव को बढ़ाता है। लाल रंग खतरे का संकेत दे रहा है और अंधेरा रहस्यों को छिपाए हुए है। ऐसा लग रहा है कि इस कमरे में कोई बड़ा हादसा होने वाला है।