सम्राट के चेहरे पर पर्दा गिरा है, लेकिन दरबार की हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा है। सफेद पोशाक वाला युवक इतना शांत कैसे है? लगता है बदला जो रूका नहीं की कहानी में यह शांति तूफान से पहले की है। मंत्रीओं की नजरें चोर-चोर ऊपर जा रही हैं, और वह गुलाबी पोशाक वाली लड़की तो जैसे डर के मारे कांप रही है। यह दृश्य बताता है कि सत्ता के खेल में कोई भी सुरक्षित नहीं है।
इस दरबार में सबसे ज्यादा ध्यान उस युवक पर जाता है जो सफेद वस्त्रों में है। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक है, जैसे वह सब कुछ जानता हो। बदला जो रूका नहीं के इस मोड़ पर लगता है कि वह कोई साधारण राजकुमार नहीं, बल्कि खेल का असली खिलाड़ी है। जब सम्राट मुस्कुराते हैं, तो लगता है कि यह मुस्कान किसी बड़ी साजिश का संकेत है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना रोमांचक है।
जब वह जोड़े जमीन पर गिरकर माफी मांगते हैं, तो कमरे का माहौल बदल जाता है। सम्राट का वह ठंडा चेहरा और मंत्रियों की चुप्पी सब कुछ कह रही है। बदला जो रूका नहीं में दिखाया गया यह डर बहुत असली लगता है। ऐसा लगता है कि एक गलती की कीमत पूरी जिंदगी चुकानी पड़ सकती है। उस लड़की की आंखों में आंसू और उस बूढ़े आदमी की घबराहट दिल को छू लेती है।
मोतियों का पर्दा सम्राट के चेहरे को छिपाता है, लेकिन उनकी मुस्कान सब कुछ बयां कर देती है। वे जानते हैं कि उनके सामने कौन झूठ बोल रहा है। बदला जो रूका नहीं के इस एपिसोड में सम्राट का किरदार बहुत गहरा है। वे न तो गुस्सा करते हैं और न ही सीधा फैसला सुनाते हैं, बस मुस्कुराते रहते हैं, जो सबसे ज्यादा डरावना है। यह पावर गेम देखने लायक है।
दरबार में खड़े मंत्री, खासकर वे जो बैंगनी पोशाक में हैं, उनकी नजरें उस सफेद पोशाक वाले युवक को घूर रही हैं। बदला जो रूका नहीं में यह साफ है कि सत्ता के गलियारों में ईर्ष्या कैसे पलती है। उनकी मुद्रा बता रही है कि वे इस युवक के खिलाफ कुछ साजिश रच रहे हैं। यह राजनीतिक थ्रिलर धीरे-धीरे अपना रंग दिखा रहा है और दर्शकों को बांधे रखता है।