जब डॉक्टर ने खबर सुनाई, तो प्रिया और उसके साथी की आँखों में जो डर था, वो शब्दों से बयां नहीं हो सकता। बाहर खड़ा वो शख्स, जो शायद सबका कारण है, अपनी बेटी का हाथ थामे खड़ा है। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद इसी दर्द को महसूस कर रही है। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर दिल दहल जाता है।
लिविंग रूम में वो तनाव देखकर लग रहा था कि अब सब खत्म हो गया। सफेद सूट वाला शख्स कुछ छिपा रहा है, और ग्रे सूट वाला गुस्से में है। लेकिन असली कहानी तो अस्पताल के उस कमरे में है जहाँ एक जोड़ा टूट रहा है। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद इन टूटे रिश्तों को जोड़ सकती है। नेटशॉर्ट की स्टोरीलाइन बहुत गहरी है।
गलियारे में खड़ा वो पिता, जिसके हाथ में वो टूटी हुई चेन है, उसकी आँखों में बेबसी साफ दिख रही थी। उसने अपनी बेटी को संभाला, लेकिन अपनी पत्नी को खो दिया। प्रिया की हालत देखकर रोना आ गया। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, काश वो उस पिता की मदद कर पाती। नेटशॉर्ट पर ये सीरीज देखना एक इमोशनल रोलरकोस्टर है।
उस अमीर घर की चमक-धमक के पीछे छिपा दर्द देखकर हैरानी हुई। जब वो शख्स अपनी पत्नी को अस्पताल में देखता है, तो उसका चेहरा पत्थर जैसा हो जाता है। प्रिया की आँखों में आंसू और उसके साथी का सहारा। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद इस दर्द को कम कर सकती है। नेटशॉर्ट की एक्टिंग लाजवाब है।
उस नन्ही परी की आँखों में सवाल थे, कि पापा इतने उदास क्यों हैं? वो अपने पापा का हाथ थामे खड़ी थी, लेकिन उसकी माँ दूर अस्पताल में थी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसकी माँ से बात कर सकती थी। नेटशॉर्ट पर ऐसे फैमिली ड्रामा देखकर रिश्तों की अहमियत समझ आती है।