जब छोटी लड़की ने चूहे को खाना दिया, तो लगा जैसे दुनिया भर की दयालुता एक पल में समेट ली गई हो। उसकी मासूमियत और चूहे की भूख दोनों ने दिल को छू लिया। यह दृश्य इतना सरल था, फिर भी इतना गहरा। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, बिल्कुल सही नाम है इस कहानी के लिए।
वह आदमी जो सूट पहने खड़ा था, उसकी आँखों में एक अजीब सी नर्मी थी। जब वह झुका तो लगा जैसे वह खुद भी उस छोटी लड़की के साथ उस चूहे के लिए कुछ महसूस कर रहा हो। उसकी चुप्पी में भी एक कहानी थी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, यह सिर्फ लड़की के बारे में नहीं, बल्कि उन सभी के बारे में है जो देखते हैं और समझते हैं।
चूहे का दृश्य इतना वास्तविक था कि लगा जैसे वह सचमुच हमारे सामने हो। उसकी भूख और फिर उस खाने को देखकर उसकी खुशी — सब कुछ इतना साफ़ था। छोटी लड़की ने बिना डरे उसे खाना दिया, और यह दृश्य दिल को गर्म कर गया। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, यह नाम बिल्कुल फिट बैठता है।
उसकी आँखों में जो भाव थे, वे शब्दों में बयां नहीं किए जा सकते। जब वह चूहे को देख रही थी, तो लगा जैसे वह उसकी भाषा समझ रही हो। उसकी मासूमियत और समझदारी दोनों एक साथ थीं। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, यह कहानी बच्चों की उस अद्भुत दुनिया को दिखाती है जहाँ सब कुछ संभव है।
कार के पास खड़े लोग, घास में छिपा चूहा, और वह छोटी लड़की जो सबके बीच में थी — यह दृश्य इतना सुंदर था कि लगा जैसे कोई पेंटिंग हो। सब कुछ इतना संतुलित और सुंदर था। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, यह नाम इस दृश्य की खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है।