जब वह आदमी चिल्ला रहा था, तो छोटी लड़की की आंखों में जो डर था, वह दिल को छू गया। मां ने उसे गले लगाया, पर बच्चे का चेहरा बता रहा था कि वह सब समझ रही है। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद यही वजह है कि कुत्ता भी बेचैन हो उठा। ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि बच्चे वयस्कों के झगड़ों के सबसे बड़े शिकार होते हैं।
पूरे झगड़े के दौरान कुत्ता शांत लेटा था, लेकिन जैसे ही वह आदमी चिल्लाया, वह उठ खड़ा हुआ। ऐसा लगा जैसे वह बच्चों की रक्षा के लिए तैयार हो गया हो। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, यह ड्रामा सच में दिलचस्प है। जानवर इंसानों के इरादों को पहले ही भांप लेते हैं, यह दृश्य उसी का सबूत था।
जब वह सूट वाला आदमी आया और उसने फोन निकाला, तो माहौल पूरी तरह बदल गया। गुंडे का चेहरा पीला पड़ गया, यह देखकर मजा आया। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, इस शो में हर किरदार की अपनी खासियत है। पावर डायनामिक का यह बदलाव बहुत ही संतोषजनक था, काश ऐसे विलेन हमेशा ऐसे ही पकड़े जाएं।
गुलाबी कुर्ती वाली महिला का गुस्सा साफ दिख रहा था, लेकिन वह बच्चों के सामने ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही थी। उसकी आंखों में बेबसी और क्रोध दोनों थे। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, यह कहानी पारिवारिक संघर्षों को बहुत बारीकी से दिखाती है। जब पति ही दुश्मन बन जाए, तो मां का दर्द ही समझ सकता है।
पहले कितना घमंड दिखा रहा था, उंगली से इशारे कर रहा था, लेकिन जैसे ही असली ताकत सामने आई, घुटनों के बल गिर गया। उसका वह डरा हुआ चेहरा देखकर हंसी आ गई। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, ऐसे किरदारों को पर्दे पर ऐसे ही देखना चाहिए। कायरता का यह रूप बहुत ही यादगार था।