इस दृश्य में जब वह लड़का अपने घायल हाथ को छुपा रहा था, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी पीड़ा थी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसी की तरह वह भी बिना बोले सब समझ जाती है। कार के अंदर का वह सन्नाटा और बच्ची का उस हाथ को सहलाना, दिल को छू लेने वाला था। ऐसा लग रहा था जैसे वे दोनों किसी बड़े तूफान से बचकर निकले हों।
लिविंग रूम में जो तनाव था, वह साफ महसूस किया जा सकता था। बड़े लोगों की नोकझोंक के बीच वह बच्ची कितनी अकेली लग रही थी। फिर कार का वह सीन, जहाँ सिर्फ दो लोग थे और एक गहरा सुकून। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद इसीलिए वह बच्ची उस लड़के के इतने करीब है, क्योंकि वह उसकी खामोशी भी पढ़ लेती है।
उस लड़के के चेहरे पर जो खरोंचें थीं, वे सिर्फ शारीरिक नहीं लग रही थीं। उसकी आँखों में एक थकान थी, जैसे वह सब कुछ झेल रहा हो। जब बच्ची ने उसका हाथ पकड़ा, तो लगा जैसे उसे सहारा मिल गया हो। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद इसीलिए वह बच्ची उसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है।
इतनी छोटी उम्र में वह बच्ची जिस तरह से उस लड़के का ध्यान रख रही थी, वह काबिले तारीफ था। उसकी आँखों में चिंता थी, लेकिन हिम्मत भी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद वह भी उसी तरह की परी है जो बिना बोले सब समझ जाती है। कार के अंदर का वह पल बहुत खास था।
इस वीडियो में सबसे अच्छी बात यह थी कि यहाँ शब्दों से ज्यादा भावनाओं ने बात की। लड़के और बच्ची के बीच की खामोशी भी एक संवाद थी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद इसीलिए वे दोनों एक दूसरे के इतने करीब हैं। उनका रिश्ता बहुत गहरा और पवित्र लग रहा था।