जब वह महिला घुटनों पर गिरकर माफ़ी मांगती है, तो दिल दहल जाता है। सामने खड़ी हरी साड़ी वाली महिला की बेरुखी और उस आदमी का गुस्सा सब कुछ बताता है। यह दृश्य इतना तीव्र है कि लगता है जैसे छोटी परी जो समझे पशु भाषा में भी कोई इतना दर्द महसूस नहीं करेगा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना वाकई दिल को छू लेता है।
हरी साड़ी पहनी महिला का व्यवहार देखकर गुस्सा आता है। वह बिना कुछ सुने सीधे चली जाती है, जबकि सामने कोई रो रहा है। यह अहंकार कहीं से भी जायज़ नहीं लगता। शायद छोटी परी जो समझे पशु भाषा में भी इतनी क्रूरता नहीं दिखाई गई होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार देखकर कहानी और भी दिलचस्प लगती है।
वह आदमी जो काले सूट में है, उसका गुस्सा साफ़ दिख रहा है। वह न तो कुछ सुनना चाहता है और न ही किसी की मदद करना। उसकी आंखों में सिर्फ नफरत है। छोटी परी जो समझे पशु भाषा में भी शायद इतनी नफरत नहीं दिखाई गई होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि कहानी में बहुत कुछ छिपा है।
जब वह आदमी अपनी बेटी के पास जाता है और उसे प्यार से बात करता है, तो दिल गर्म हो जाता है। बेटी की मासूमियत और पिता का प्यार सब कुछ बदल देता है। छोटी परी जो समझे पशु भाषा में भी शायद इतना प्यार नहीं दिखाया गया होगा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे पल देखकर लगता है कि कहानी में उम्मीद भी है।
बेटी के सवाल और उसकी मासूमियत देखकर दिल पिघल जाता है। वह सब कुछ समझती है लेकिन फिर भी प्यार से बात करती है। छोटी परी जो समझे पशु भाषा में भी शायद इतनी मासूमियत नहीं दिखाई गई होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदार देखकर लगता है कि कहानी में बच्चों का भी महत्व है।