जब छोटा लड़का कचरे में बैठा था और उसकी आँखों में डर था, तो दिल टूट गया। फिर वो छोटी लड़की आई जिसने उसे खाना दिया — ये पल इतना भावुक था कि आँसू रुक नहीं पाए। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसी ने उसे बचाया होगा। आज वो अमीर आदमी बन गया, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी वो बच्चा जीवित है।
वो खिड़की सिर्फ लकड़ी की नहीं, दो दिलों के बीच की दीवार थी। लड़की ने बिना कुछ कहे खाना दिया, लड़के ने बिना कुछ बोले खा लिया — ये चुप्पी ही उनकी कहानी थी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसी ने उनकी भाषा समझी होगी। आज वो अमीर आदमी चाय पी रहा है, लेकिन उसकी नज़रें अभी भी उस खिड़की को ढूंढ रही हैं।
लड़की के गले में वो हार देखकर लड़के की आँखें भर आईं — ये सिर्फ ज्वेलरी नहीं, बचपन का वादा था। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसी ने उस हार को उनकी कहानी बनाया होगा। आज वो अमीर आदमी सूट में बैठा है, लेकिन उसकी उंगलियाँ अभी भी उस हार को छूने के लिए बेचैन हैं।
जब लड़की अगले दिन फिर आई, तो लड़के की आँखों में उम्मीद जाग उठी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसी ने उसे सिखाया होगा कि उम्मीद कभी नहीं मरती। आज वो अमीर आदमी फोन पर बात कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज़ में अभी भी वो बच्चा है जो खिड़की के पास बैठा था।
अमीर आदमी का सूट चमकदार है, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी वो गंदगी है जो उसने बचपन में देखी थी। छोटी परी जो समझे पशु भाषा, शायद उसी ने उसे सिखाया होगा कि असली अमीरी दिल में होती है। आज वो फोन पर बात कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज़ कांप रही है — शायद वो उस लड़की को ढूंढ रहा है।