जब तक फूल न झर जाएँ में यह दृश्य दिल दहला देता है। गंदे कपड़ों वाली माँ अपने बच्चों के लिए गिड़गिड़ाती है, जबकि नीले लिबास वाली लड़की पत्थर दिल बनकर देखती रहती है। बच्चों की रोने की आवाज़ और माँ की बेबसी किसी को भी रुला सकती है। फिर वह चित्रकार जो पेंटिंग बना रहा है, शायद यही माँ उसकी प्रेरणा है? नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल मोमेंट्स देखकर लगता है कि कहानी में बहुत गहराई है।