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जब तक फूल न झर जाएँवां16एपिसोड

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जब तक फूल न झर जाएँ

सात साल पहले, सम्राट आदित्य ने अपनी प्रिय काव्या को खो दिया। बरसी के दिन भेष बदलकर हरिपुर जाने पर उसे अंधी काव्या और उसके जुड़वां बच्चों का पता चलता है। सच सामने आता है कि राजमाता ने उसे महल से निकलवाया था। साजिशों और हमलों के बीच, सान्या काव्या को फंसाने की कोशिश करती है, लेकिन राजमाता सच्चाई जानकर पीछे हटती है। अंत में आदित्य और काव्या मिल जाते हैं और परिवार एक हो जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

गरीब माँ की आँखों में छुपा दर्द

जब तक फूल न झर जाएँ में यह दृश्य दिल को छू लेता है। मुखौटा पहने माँ की आँखों में डर और बच्चों के लिए ममता साफ दिखती है। अमीर आदमी का घमंड और गरीबों के साथ बदसलूकी देखकर गुस्सा आता है। जब वह लड़की धक्का देती है, तो लगता है जैसे न्याय की उम्मीद टूट गई हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखना अलग ही अनुभव है।