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जब तक फूल न झर जाएँवां11एपिसोड

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जब तक फूल न झर जाएँ

सात साल पहले, सम्राट आदित्य ने अपनी प्रिय काव्या को खो दिया। बरसी के दिन भेष बदलकर हरिपुर जाने पर उसे अंधी काव्या और उसके जुड़वां बच्चों का पता चलता है। सच सामने आता है कि राजमाता ने उसे महल से निकलवाया था। साजिशों और हमलों के बीच, सान्या काव्या को फंसाने की कोशिश करती है, लेकिन राजमाता सच्चाई जानकर पीछे हटती है। अंत में आदित्य और काव्या मिल जाते हैं और परिवार एक हो जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

न्याय की आहट और माँ का दर्द

जब तक फूल न झर जाएँ में यह दृश्य दिल को छू लेता है। काले वस्त्रों वाला राजकुमार जब अदालत में प्रवेश करता है, तो माहौल बदल जाता है। गरीब माँ अपने बच्चों को बचाने के लिए सब कुछ सह रही है, जबकि अमीर दंपत्ति घमंड में डूबे हैं। न्यायाधीश का फैसला और कोड़े की सजा देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह सिर्फ एक ड्रामा नहीं, बल्कि समाज की कड़वी सच्चाई है जो हमें सोचने पर मजबूर कर देती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव है।

जब तक फूल न झर जाएँ एपिसोड 11 - Netshort