जब तक फूल न झर जाएँ में एक साल बाद का दृश्य देखकर दिल खुश हो गया। राजा और रानी के बीच का प्यार और बच्चों की मासूमियत ने मन को छू लिया। बेटे की लिखावट और बेटी की पेंटिंग देखकर लगा कि परिवार में कला की धारा बह रही है। राजा का बेटे को प्रोत्साहित करना और बेटी को गले लगाना दिखाता है कि वह एक अच्छे पिता हैं। रानी का मुस्कुराता चेहरा और बच्चों की खुशी ने इस दृश्य को और भी खास बना दिया।