PreviousLater
Close

जब तक फूल न झर जाएँवां8एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

जब तक फूल न झर जाएँ

सात साल पहले, सम्राट आदित्य ने अपनी प्रिय काव्या को खो दिया। बरसी के दिन भेष बदलकर हरिपुर जाने पर उसे अंधी काव्या और उसके जुड़वां बच्चों का पता चलता है। सच सामने आता है कि राजमाता ने उसे महल से निकलवाया था। साजिशों और हमलों के बीच, सान्या काव्या को फंसाने की कोशिश करती है, लेकिन राजमाता सच्चाई जानकर पीछे हटती है। अंत में आदित्य और काव्या मिल जाते हैं और परिवार एक हो जाता है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

बच्चे की हिम्मत ने बदल दी कहानी

जब तक फूल न झर जाएँ में वो दृश्य दिल को छू गया जहाँ गंदा कपड़ा पहने बच्चे ने अमीर आदमी के सामने हिम्मत दिखाई। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक थी। बूढ़े नौकर का चेहरा देखकर लगा कि वो भी हैरान है। ये शॉर्ट्स नेटशॉर्ट ऐप पर देखकर लगा कि छोटे बजट में भी इतनी गहरी कहानी बताई जा सकती है। बच्चे का एक्शन और बड़े लोगों की प्रतिक्रिया देखकर मन में एक उम्मीद जगी कि शायद ये गरीब बच्चा ही हीरो निकले।